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जब बोलने को कुछ है ही नहीं, तो क्या बोलेंगे? तेजस्वी के 100 दिन वाले बयान पर चिराग पासवान का पलटवार

Bihar Politics: तेजस्वी यादव ने ऐलान किया कि वह नई सरकार को 100 दिन देंगे, तब तक वो कुछ नहीं बोलेंगे। उन्होंने दावा किया कि लोकतंत्र हार गया है और सिस्टम जीत गया है। इसके जवाब में चिराग पासवान ने तीखा पलटवार करते हुए कहा कि तेजस्वी के पास कुछ बोलने के लिए है ही नहीं, कुछ होगा तब तो बोलेंगे। 

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पटना

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Anand Shekhar

Jan 11, 2026

Chirag Paswan

चिराग पासवान। (फोटो सोर्स : एक्स चिराग)

Bihar Politics: बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को करारी हार मिलने के लगभग दो महीने बाद, तेजस्वी यादव ने पहली बार मीडिया के सामने चुप्पी तोड़ी। तेजस्वी ने कहा कि वह नई सरकार के पहले 100 दिनों तक कुछ नहीं बोलेंगे। इसके बाद, बिहार की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है। केंद्रीय मंत्री और लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने तेजस्वी के बयान पर तीखा पलटवार किया। चिराग ने कहा कि जब किसी नेता के पास कहने के लिए कुछ नहीं बचता, तो चुप्पी मजबूरी बन जाती है। उन्होंने तेजस्वी की चुप्पी को उनकी कमजोरी और निराशा की निशानी बताया।

तेजस्वी यादव के बयान पर जवाब देते हुए चिराग पासवान ने कहा, "जनादेश का इस तरह का अपमान ही उनके 'जनादेश की चोरी' के आरोपों का कारण है। उनका आधार, उनका जनाधार छीन गया है। इसका कारण ही यही रहा है, जिस तरह से ये लोग 'लोकतंत्र नहीं तंत्र जीता' की बात कर रहे हैं। वे अपनी हार का ठीकरा या तो EVM पर फोड़ते हैं या SIR पर। जब वे (कांग्रेस) किसी राज्य में जीतते हैं और सरकार बनाते हैं, तो EVM ठीक होती हैं, लेकिन जहां वे हारते हैं, वहां वे धांधली का आरोप लगाते हैं।"

राजद के पैरों के नीचे से खिसक चुकी है जमीन - चिराग पासवान

चिराग यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, "जब तक ये लोग बैठकर आत्ममंथन नहीं करेंगे, तब तक इनके पैरों के नीचे से जमीन खिसकती रहेगी और यह सिर्फ अभी नहीं, बल्कि 2010 से हो रहा है। 2005 के बाद, 2010 में NDA को जो जनादेश मिला, उससे यह साफ हो गया था कि RJD और कांग्रेस कहां खड़ी हैं। अगर 2015 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं होते, तो वे कभी दोबारा खड़े नहीं हो पाते और 2020 में, अगर यूनाइटेड NDA एकजुट रहता और हम (LJP) अलग से चुनाव नहीं लड़ते, तो RJD कभी दोबारा खड़ी नहीं हो पाती। इसलिए, उनका जनादेश, उनका आधार, उनके पैरों के नीचे से जमीन पूरी तरह खिसक गई है।"

विधानसभा में न रहने पर उठाए सवाल

तेजस्वी पर सवाल उठाते हुए चिराग ने आगे कहा, "फिलहाल, उनके विधायक, नेता और कार्यकर्ता खुद निराश हैं क्योंकि विपक्ष का नेता विधानसभा में दिखाई भी नहीं दे रहा है। वो विपक्ष के नेता हैं, सिर्फ एक आम विधायक नहीं हैं। एक पद पर होने के बावजूद फिर भी जब असेंबली सेशन चल रहा होता है, तो वे वहां मौजूद नहीं होते। नतीजे आए इतना समय हो गया है और अभी तक उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं से बात नहीं की है, न ही कारण बताए हैं और न ही कोई चर्चा की है।" चिराग ने कहा कि अगर RJD अगर आत्ममंथन नहीं करती है, तो ये लोग, जो मुश्किल से डबल डिजिट तक पहुंच पाए हैं, जल्द ही ऐसी स्थिति में होंगे कि विपक्ष के पास शायद विपक्ष के नेता का पद हासिल करने के लिए भी पर्याप्त सदस्य नहीं होंगे।

बोलने के लिए कुछ होगा, तब न बोलेंगे - चिराग पासवान

तेजस्वी के 100 दिन वाले बयान पर चिराग ने कहा, "मत बोलो भाई, मत बोलो। आप तभी बोल सकते हैं जब आपके पास कुछ कहने के लिए हो, है ना? आप क्या कहेंगे? पहले उन्हें अपनी हार के बारे में बताना चाहिए कि जनता ने उन्हें इतनी बुरी तरह से क्यों नकार दिया। उन्हें इसका जवाब देना चाहिए। 18 तारीख को वे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, है ना? यह घमंड, काम करने का यह तरीका, कम्युनिकेशन की कमी, इन नतीजों का कारण है। 100 दिनों की बात करने का क्या मतलब है? 5 साल तक मत बोलिए, क्या फर्क पड़ता है?"

तेजस्वी ने क्या कहा था?

पटना एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने चुनाव नतीजों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "पिछले चुनाव में लोकतंत्र में 'लोक' (जनता) हार गई और 'तंत्र' (सिस्टम) जीत गया। उन्होंने लोकतंत्र को पैसे और मशीनों का सिस्टम बना दिया है। हमें पता है कि क्या साजिश रची गई थी।" तेजस्वी ने आगे कहा कि वह नई सरकार को काम करने का समय देंगे और अगले 100 दिनों तक किसी भी सरकारी फैसले या नीतियों पर कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि वह देखेंगे कि सरकार 1 करोड़ नौकरियां देने और महिलाओं को 2 लाख रुपये देने के अपने वादे कब पूरे करती है।