Sukma Naxalism: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के समक्ष पांच लाख के ईनामी महिला नक्सली आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित महिला नक्सली पूर्व बस्तर डिवीजन में एलजीएस कमाण्डर के पद पर थी, जो विगत 20 वर्षों से नक्सल संगठन में रही है।
Sukma Naxalism: छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के सुरक्षाबलों को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस के समक्ष पांच लाख के ईनामी महिला नक्सली आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पित महिला नक्सली पूर्व बस्तर डिवीजन में एलजीएस कमाण्डर के पद पर थी, जो विगत 20 वर्षों से नक्सल संगठन में रही है। उक्त महिला नक्सली कमाण्डर एसपी सुनील शर्मा के समक्ष आत्म समपर्ण किया है।
जिले में चलाये जा रहे नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास नीति के प्रचार- प्रसार तथा सुकमा पुलिस द्वारा चलाये जा रहे पूना नार्कोम अभियान (नई सुबह, नई शुरूआत) से प्रभावित होकर नक्सलियों के द्वारा भेदभाव करने तथा स्थानीय आदिवासियों पर होने वाले हिंसा से तंग आकर प्रतिबंधित नक्सली संगठन में सक्रिय महिला नक्सली संतो उर्फ रामे आमदई एलजीएस कमाण्डर एसीएम आमदई एरिया कमेटी पूर्व बस्तर डिवीजन अंतर्गत ईनामी 05 लाख छग शासन द्वारा, निवासी थाना दोरनापाल क्षेत्र के द्वारा गुरुवार को नक्सल ऑपरेशन कार्यालय सुकमा में एसपी सुनील शर्मा सुनील शर्मा, एएसपी ओम प्रकाश चंदेल, एसडीओपी परमेश्वर तिलकवार, एएसपी डीआरजी संजय सिंह के समक्ष बिना हथियार के आत्मसमर्पण किया गया। उक्त नक्सली को आत्मसमर्पण हेतु प्रोत्साहित करने में एसडीओपी निशांत पाठक, सीआरपीएफ द्वितीय कमान संदीप बिजारनिया व 74 वाहिनी सीआरपीएफ के आसूचना शाखा का विशेष प्रयास रहा।
आत्मसमर्पित महिला नक्सली संतो उर्फ रामे, प्रतिबंधित नक्सली संगठन मे उपरोक्त पदों पर सक्रिय रहते हुए जिला नारायणपुर एवं जिला कोण्डागांव के क्षेत्र में विभिन्न नक्सली गतिविधियों में शामिल रही है। उक्त आत्मसमर्पित महिला नक्सली को राज्य शासन के पुनर्वास नीति के तहत् सहायता अन्य सुविधाएं प्रदान किए जाएगा।