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शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली से दूर चिंतलनार

शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली सहित नदी पर पुल नहीं होने से कई समस्या से जूझ रहा है चिंतलनार। 40 साल से अधिक पुरानी ग्राम पंचायत होने के बाद भी विकास से कोसो यह पंचायत दूर है।

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Ajay Shrivastava

Apr 15, 2016

Education problem

electricity problem

सुकमा.
छिंदगढ़ ब्लॉक के चिंतलनार में शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली सहित नदी पर पुल नहीं होने से कई समस्या से जूझ रहा है। 40 साल से अधिक पुरानी ग्राम पंचायत होने के बाद भी विकास से कोसो यह पंचायत दूर है। साथ ही यह गांव माओवाद प्रभावित होने से अफसरों की पहुंच से भी दूर हैं।


चिंतलनार में 495 परिवार और 8 पारा है

छिंदगढ़ ब्लॉक का चिंतलनार में 495 परिवार और 8 पारा है। इन पारों में मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। चिंतलनार को पूसपाल से जोडऩे वाली 10 किमी की सड़क जर्जर हो चुकी है।


जर्जर सड़क पर चलना मुसीबत

इस रास्ते में पडऩे वाली नदी पर पुल निर्माण नहीं होने से बारिश के चार माह गांव देश-दुनिया कटऑफ हो जाता है। साथ ही जर्जर सड़क पर चलना मुसीबत भरा हो रहा है। वहीं आंगनबाड़ी भवन जर्जर है, उचित मूल्य की दुकान और जर्जर आंगनबाड़ी भवन में गांव के नौनिहाल पढऩे को मजबूर हैं।


बोरिंग से निकलता है आयरनयुक्त पानी

वहीं गांव में 6 बोरिंग है जिसमें 2 बोरिंग खराब है। दो बोरिंग में आयरनयुक्त पानी निकलता है। इससे ग्रामीणों को पेयजल संकट से जूझना रह है। आश्रम भवन भी स्वीकृत हुए दस साल हो रहा है लेकिन भवन अधूरा है। ठेकेदार ने माओवाद की समस्या बताकर भवन को अधूरा छोड़ दिया गया है। आश्रम उधारी के कमरों में चल रहा है। जिस भवन में आश्रम संचालित हो रहा है उस भवन में मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। भवन में खुली वायरिंग भी जोखिम भरी हो सकती हैं।


एक भी सीसी सड़क नहीं

चिंतलनार पारा टोलों में एक भी सीसी सड़क नहीं है। इसके कारण लोगों को बारिश में कीचड़ भरी गलियों से चलना पड़ता है। गांव में स्वास्थ्य सेवा नहीं हैं, मरीजों को इलाज के लिए 50 किमी दूरी तय कर तोंगपाल जाना पड़ता है। महिलाओं को प्रसव भी दाई के भरोसे चल रहा है। वहीं नेटवर्क नहीं होने से लोगों को 102 और 108 सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई बार गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में घर पर ही दम तोडऩा पड़ता है।