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अब घर बैठे बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस, खर्च करने होंगे केवल 50 रुपए

अब आपको आरटीओ ऑफिस के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे...

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अब घर बैठे बनेगा ड्राइविंग लाइसेंस, खर्च करने होंगे केवल 50 रुपए

सुल्तानपुर. अब आप घर बैठे ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे। इसके लिए आपको केवल 50 रुपये खर्च करने होंगे। इतना ही नहीं आपको आरटीओ ऑफिस के चक्कर भी नहीं काटने पड़ेंगे। बहुत जल्द ही परिवहन विभाग इस सेवा को शुरू करने जा रहा है। इस सेवा के तहत लोगों को अपना ड्राइविंग लाइसेंस या फिर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन कराने के लिए कहीं दौड़-भाग नहीं करनी पड़ेगी और न ही सम्भागीय परिवहन विभाग के चक्कर लगाने होंगे। बल्कि यह कहा जाय कि अब आपको अपने घर में बैठकर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे और अपने गाड़ी का भी पंजीकरण करा सकेंगे।

हेल्पलाइन पर करनी होगी कॉल

इस सम्बंध में उपसंभागीय परिवहन अधिकारी माला दीक्षित ने बताया कि घर बैठे इस सेवा का लाभ लेने के लिए इच्छुक लोगों को सबसे पहले एक हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करनी होगी और अपने डॉक्यूमेंट्स के लिए अप्लाई करना होगा। इसके बाद परिवहन विभाग का एक सहायक घर पर आएगा और फॉर्म भरवाने में मदद करेगा।

सारे डॉक्यूमेंट्स डिवाइस पर होंगे लोड

उपपरिवहन अधिकारी माला दीक्षित ने बताया कि सारे कागजात डिवाइस पर लोड करने के बाद ड्राइविंग लाइसेंस लेने वाले को ड्राइविंग टेस्ट देना होगा। ड्राइविंग टेस्ट में पास होने के बाद ही ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए जाएंगे।

उपसंभागीय कार्यालय में देना होगा ड्राइविंग टेस्ट

हालांकि सभी ड्राइविंग लाइसेंस आवेदकों को अभी भी आरटीओ ऑफिस में ड्राइविंग टेस्ट देना होता है, परन्तु अभी जटिल प्रक्रिया होने के कारण ड्राइविंग लाइसेंस आवेदक को बहुत पापड़ बेलने पड़ते हैं। इसी बीच वह दौड़ दौड़ कर थक जाता है और दलालों के हाथों लुट चुका होता है। लेकिन अब बदली व्यवस्था में बिना टेस्ट पास किए किसी को भी ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं होगा। नई व्यवस्था के अनुसार टेस्ट लेने का समय रोजाना (छुट्टी के दिनों को छोड़कर के) सुबह 8 से दोपहर 2 बजे के बीच होगा। टेस्ट देने के लिए लोगों को अपनी सुविधा के अनुसार तारीख और समय को चुनना होगा। टेस्ट को पास करने के बाद 15 दिन के भीतर डीएल को आवेदक के घर पर भेज दिया जाएगा। उप संभागीय अधिकारी माला दीक्षित कहती हैं कि इस नई व्यवस्था के लागू हो जाने से इसका लाभ सीधे आम लोगों को मिलेगी और आरटीओ ऑफिसों में व्याप्त घूसखोरी पर लगाम लग सकेगा। ऐसा इसलिए क्योंकि सारा प्रोसेस ऑनलाइन होने वाला है।