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Afroz and Saras: आरिफ के बाद सारस और अफरोज की दोस्ती आई सामने, प्यार से नाम रखा स्वीटी, अब वन विभाग ने कब्जे में लिया

Afroz and Sars friendship: अमेठी के आरिफ और सारस की दोस्ती की तरह ही सुल्तानपुर के अफरोज और सारस की दोस्ती भी इन खूब चर्चा में है।

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सुल्तानपुर के लंभुआ तहसील के गांव में आरिफ और सारस की तरह अफरोज और सारस उर्फ स्वीटी की दोस्ती के चर्चे हो रहे हैंं। अफरोज के पास 6 महीनों से एक सारस रह रहा है। घर के सदस्यों के साथ खाना पीना और घूमता है। करीब 5 फीट लंबे सारस का नाम घरवालों ने प्यार से स्वीट रखा है। स्वीटी को वन विभाग ने कब्जे में ले लिया है और अफरोज पर कार्रवाई हो सकती है।

सारस से दूर होकर पिता को आया था हार्टअटैक- अफरोज
अफरोज ने बताया कि 6 महीने पहले उसके बड़े भाई मेराज अपने दोस्त के मत्स्य पालन के तालाब के पास से इस सारस को घर ले आए थे। तब सारस की उम्र डेढ़ महीने थी। देखते देखते वह बड़ा हो गया और परिवार का हिस्सा बन गया है।

अफरोज के पिता मो. शफीक उर्फ नेपाली ने साल 2019 में एक सारस पाला था। जोकि पूरे परिवार से घुला मिला हुआ था। गांव और आस-पड़ोस के लोग इसे नेपाली के सारस के नाम से जानते थे। घरवालों ने इस सारस का नाम भी स्वीटी रखा था। लेकिन 2022 में अचानक सोनबरसा गांव के पास करंट की चपेट में आ जाने से सारस की मौत हो गई। सारस की मौत से उसके पिता को गहरा सदमा पहुंचा और उन्हें हार्ट अटैक आ गया। जिससे उनका लंबा इलाज चला है । नया सारस मिला तो उसका नाम भी स्वीटी रखा। नए सारस के आने से उसके पिता खुश हैं।

IMAGE CREDIT: सुल्तानपुर के अफरोज और सारस

स्वीटी का फेवरेट है आटा और आलू
अफरोज ने बताया कि उनके सारस को आटा और आलू भोजन काफी पंसद है। जब उसको भूख लगती है तो वह आवाज करके लोगों को बुलाता है। खाने-पीने के बाद खेलने में मस्त हो जाता है। पूरे गांव के साथ स्वीटी सारस खेलता है। उसे लोगों के साथ रहना और घूमना पंसद है।

कमाई के चक्कर में आरिफ से अलग हुआ उसका दोस्त
अफरोज नेपाली ने कहा कि मुझे आरिफ भाई और सारस की दोस्ती के बारे में पता चला था। यूट्यूब चैनल से कमाई के चक्कर में उन्हें अपने दोस्त से अलग कर दिया। हमें इस तरह की चीजों के चक्कर में नहीं पड़ना है। हमें उससे प्यार है। हम उससे कोई प्रचार या कमाई नहीं करना चाहते है ।

सारस को लेकर बोले डीएफओ
सुलतानपुर के डीएफओ राज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि उन्हें अफरोज के सारस की जानकारी सोशल मीडिया से मिली, जिसके बाद वन विभाग की टीम ने छतौना पहुंचकर सारस को अपने कब्जे में लिया है। उच्च अधिकारियों के आदेश पर सारस को पालने वाले अफरोज पर कार्रवाई की जा सकती है।