...तो इसलिये अयोध्या आये उद्धव ठाकरे, मौनी महाराज ने कर दिया बड़ा खुलासा, देखें वीडियो

...तो इसलिये अयोध्या आये उद्धव ठाकरे, मौनी महाराज ने कर दिया बड़ा खुलासा, देखें वीडियो

Hariom Dwivedi | Publish: Nov, 25 2018 05:54:50 PM (IST) Lucknow, Lucknow, Uttar Pradesh, India

पीठाधीश्वर बाल ब्रह्मचारी शिवयोगी हरि चैतन्य मौनी महाराज ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के रामलला दर्शन पर उठाये सवाल...

 सुलतानपुर. उद्धव ठाकरे का राम मंदिरअयोध्या से कोई मतलब नहीं है, न ही कोई नाता और न ही कोई सरोकार। वह बस यूपी में अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहते हैं, लेकिन इसमें कोई सफलता मिलने वाली नहीं है। पूरा प्रदेश जानता है कि उद्धव ठाकरे से महाराष्ट्र नहीं संभल रहा है। 'पत्रिका' से बात करते हुए सगरा आश्रम के पीठाधीश्वर बाल ब्रह्मचारी शिवयोगी हरि चैतन्य मौनी महाराज ने धर्मसभा के आयोजन पर महाराष्ट्र से आए उद्धव ठाकरे के सम्बंध में कही।

सगरा बाबूगंज के पीठाधीश्वर मौनी स्वामी ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या में रामलला के दर्शन पर सवाल उठाये हैं। उन्होंने कहा कि जो राष्ट्र का नहीं वो भगवान राम का कैसे हो सकता है? अयोध्या में संतों की धर्मसभा में हजारों की संख्या में भाग लेने साधु-सन्त और राम भक्तों के जत्थों के बारे में खुशी जाहिर करते हुए स्वामी ने कहा कि रामलला का भव्य मंदिर किसी उद्धव ठाकरे के सहयोग का मोहताज नहीं है।

...तो इसलिये अयोध्या पहुंचे शिवसेना प्रमुख
शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे के अयोध्या आने पर मौनी महराज ने कहा कि वोट की राजनीति करने के लिए शिवसेना के लोग महाराष्ट्र से यहां आ रहे हैं। उनके यहां आने का एक और कारण है, वह यह है कि महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों की संख्या निर्णायक है और वहां होने वाले किसी भी चुनाव को प्रभावित कर सकते हैं। हमें लगता है की शिवसेना का वर्चस्व समाप्त हो चुका है। वह राम के नाम पर राजनीति करके शिवसेना को स्थापित करना चाहते हैं। उन्हें राम से कोई मतलब नहीं। जो बाला साहब ठाकरे महाराष्ट्र से उत्तर भारतीय हिंदुओं को निकालने का काम करते थे, अब वह राम लला का समर्थन कैसे करेंगे?

बाबरी ध्वंस का श्रेय लेने की फिराक में
उन्होंने शिवसेना के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि बाबरी मस्जिद तुड़वाने का जो श्रेय शिवसेना लेना चाहती है, उसके असली हकदार पवन पाण्डेय है, क्योंकि वह तब शिवसेना में थे। वह हमारे क्षेत्र के थे, लेकिन शिवसेना प्रमुख यह श्रेय महाराष्ट्र के शिवसैनिकों को देना चाहते हैं जो गलत है। बाबरी मस्जिद विध्वंस के समय पवन पांडेय मौजूद थे, इसलिए वह उस केस में मुलजिम भी हैं। उद्धव ठाकरे जो कि उत्तर भारतीयों का विरोध करते हैं और सियासत करने के लिए उत्तर भारत में आये हुए हैं।

जो राम लला का नहीं वह हमारा नहीं
मौनी महाराज ने कहा कि वोट की राजनीति करने से राम का काम नहीं चलेगा, जिन्हें राम चाहिए वह राम की बात करें। अगर वोट चाहिए तो अपने घर वापस जाएं। सरकार में रहने वाले लोग कान खोलकर सुन ले, जो राम लला का नहीं वह हमारा नहीं।

 

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