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किशोरी से पहले की अश्लील हरकत, शादी से इंकार करने पर लड़की को उठाने की दी धमकी

किशोरी से अश्लील हरकत करने व शादी से इंकार करने पर परिवारीजनों को जान से मार डालने की धमकी देने व डरावनी पोस्ट करने के मामले में स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत ने संज्ञान लिया है।

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किशोरी से पहले की अश्लील हरकत, शादी से इंकार करने पर लड़की को उठाने की दी धमकी

सुलतानपुर. किशोरी से अश्लील हरकत करने व शादी से इंकार करने पर परिवारीजनों को जान से मार डालने की धमकी देने व डरावनी पोस्ट करने के मामले में स्पेशल जज पाक्सो एक्ट की अदालत ने संज्ञान लिया है। स्पेशल जज आरपी सिंह ने आरोपी पिता-पुत्रों समेत चार के खिलाफ केस दर्ज कर तफ्तीश का आदेश दिया है। अदालत ने बाजारशुकुल थानाध्यक्ष को कड़ी चेतावनी देते हुए एफआईआर दर्ज कर चिक की नकल दो दिन के भीतर भेजने का भी आदेश पारित किया है।

ये है पूरा मामला

मामला बाजार शुकुल थाना क्षेत्र के तेंदुआ गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले सोहराब, उसके भाई सिराज हुसैन, पिता आजाद हुसैन उर्फ ननकी एवं सोहराब के बहनोई इरफान निवासी अशरफपुर-जगदीशपुर के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए अभियोगी ने स्पेशल जज की अदालत में अर्जी दी। आरोप के मुताबिक वह दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है, जो कि बीते गर्मी के मौसम में अपनी बेटियों व पत्नी के साथ गांव आया हुआ था।

घर वालों ने शादी से किया इंकार

अभियोगी के मुताबिक उसकी 15 वर्षीय पुत्री से आरोपी शोहराब ने अश्लील हरकत की आैर जबरन उसका हाथ पकड़कर शादी करने का दवाब भी बनाया। किशोरी व उसके घर वालों ने शादी से इंकार करते हुए इस बात की शिकायत शोहराब के परिजनों से की तो उन्होंने अपने बेटे की करतूत पर रोकथाम लगाने के बजाय उसे बढ़ावा दिया आैर अभियोगी की बेटी से शादी न होने पर जबरन उसे उठा ले जाने की धमकी देने लगे। यही नहीं बीच में रोड़ा बनने पर आरोपियों ने अभियोगी के परिजनों को गोली मारने की भी धमकी दी। इतना ही नहीं शोहराब ने अभियोगी के घर की मोबाइल पर अश्लील एवं डरावने मैसेज भी पोस्ट किया। इस प्रकरण की शिकायत अभियोगी ने बाजार शुकुल थाने जाकर की। सुनवाई न होने पर एसपी को भी सूचना दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक हारकर अभियोगी ने कोर्ट की शरण ली।

रोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना का आदेश

मामले में संज्ञान लेते हुए स्पेशल जज पाक्सो एक्ट आरपी सिंह ने कहा कि पाक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में सूचना मिलने के बाद भी अभियोग न दर्ज किया जाना पाक्सो एक्ट की धारा -21 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है। जिसमें छह माह की सजा व जुर्माने का भी प्राविधान है। पुलिसिया कार्यशैली पर कड़ी टिप्पणी करते हुए स्पेशल जज ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। अदालत ने थानाध्यक्ष को एफआईआर दर्ज कर 48 घंटे के भीतर चिक की नकल भी भेजने का आदेश दिया है।