
पीएम-सीएम पर अभद्र टिप्पणी मामले में बड़ा ऐक्शन, स्वाट टीम प्रभारी की गई कुर्सी
सुलतानपुर. अधिवक्ता ओंकारनाथ यादव हत्याकांड के खुलासे पर कप्तान ने चांदा एसओ सुरेश कुमार मिश्र और स्वाट टीम प्रभारी आजाद सिंह केशरी को पहले इनाम देकर सम्मानित किया फिर दो दिन के भीतर इन दोनों जांबाज अधिकारियों को पुलिस लाइन की राह पकड़ा दी। इस हाईप्रोफाइल मामले में स्वाट टीम प्रभारी द्वारा मोदी-योगी के विरूद्ध की गयी आपत्तिजनक टिप्पणी नासूर बन गयी। मामले में एक विधायक ने डीजीपी से भी शिकायत किया था। अब पूरे प्रकरण की जांच आईपीएस डाॅ. मीनाक्षी कात्यायन कर रही हैं। माना जा रहा है कि यह टिप्पणी कई और पर भी भारी पड़ सकती है।
19 अप्रैल को चांदा कोतवाली क्षेत्र के इन्दौली गांव निवासी व लम्भुआ बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव ओंकार नाथ ? यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी। अधिवक्ता के भाई ने तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। 15 मई को क्राइम ब्राांच प्रभारी आजाद केशरी एवं चांदा थानाध्यक्ष रहे सुरेश कुमार मिश्रा ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बलराम यादव निवासी मदारडीह को जेल भेज दिया। अधिवक्तओं ने 16 मई को पूर्वाह्न 11 बजे तक खुलासा न होने की दशा में डीएम-एसपी का आवास घेरने की घोषणा की थी। पुलिस ने बलराम यादव को गुपचुप जेल भेजा था। हत्या की वजह पुलिस जो बता रही है वह भी गले नहीं उतर रही है। पुलिस का कहना है कि ग्राम समाज की जमीन को लेकर यादव परिवारों के बीच विवाद है। कैलाशी देवी पत्नी विश्वनाथ यादव निवासी मदारडीह ने एसडीएम लंभुआ के यहां भू राजस्व अधिनियम की धारा 67ए के तहत वाद दाखिल किया है, जिसमें ओंकारनाथ यादव अधिवक्ता हैं। पुलिस का कहना है कि मुकदमें की पैरवी करने पर बलराम यादव ने शूटर लबि शंकर मिश्रा निवासी अकारीपुर तेवरान थाना आसपुर देवसरा जिला प्रतापगढ़ व एक अन्य साथी के साथ मिलकर गोली मारी। हत्या की साजिश में प्रमुख प्रतिनिधि विवेक मिश्रा भी शामिल हैं। पुलिस ने 19 मई को लबि शंकर मिश्रा को भी जेल भेज दिया। मृतक ओंकार यादव के परिजन पुलिस के खुलासे को लेकर शत-प्रतिशत आश्वस्त नहीं हैं। उनका कहना है कि बलराम यादव और लबि शंकर मिश्रा की गिरफ्तारी की सूचना पुलिस ने उन्हें नहीं दी। पुलिस यह भी विश्वास दिलाने में नाकाम है कि अधिवक्ता की हत्या बलराम यादव ने क्यों की ? ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि विवेक मिश्रा आखिर हत्या की साजिश क्यों रचेंगे। इन तमाम सवालों के बीच सोमवार को लंभुआ बार एसोसिएशन अध्यक्ष इंद्रदेव सिंह, सचिव शीतला प्रसाद श्रीवास्तव के नेतृत्व में एक बैठक सम्पन्न हुई, जिसमें दस दिन से चले आ रहे कार्य बहिष्कार को खत्म करने का निर्णय लिया गया। साथ ही मृतक अधिवक्ता के परिजनों को आर्थिक सहायता दिलाने एवं मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने की दिशा में आठ सदस्यीय कमेटी गठित की गयी। कमेटी में सदस्य अधिवक्ता इंद्रसेन सिंह,शीतला प्रसाद श्रीवास्तव, ओम प्रकाश श्रीवास्तव, रामसागर पाठक, राजेंद्र शुक्ला, मानिकलाल भास्कर, चैधरी उमेश, राधेश्याम यादव हैं। खुलासे के पीछे सच्चाई चाहे जो भी रही लेकिन कप्तान अमित वर्मा ने स्वाट टीम और चांदा के थाना प्रभारी को दस हजार रूपये इनाम से भी नवाज दिया। दूसरे दिन इंस्पेक्टर सुरेश कुमार मिश्र लाइनहाजिर हुए फिर स्वाट टीम प्रभारी आजाद सिंह केशरी पर गाज गिरी।
नेताओं को लेकर भी चल रही थी पंगेबाजाी
अधिवक्ता ओंकारनाथ यादव हत्याकाण्ड के खुलासे में जब पुलिस ने हाथ डाला तो यह मामला हाइ्रप्रोफाइल निकला । इधर अधिवक्ताओं का खुलासे के लिए दबाव था। उधर खुलासे की सतह में हाईटेंशन लाइन का करण्ट दौड़ रहा था । सूत्रों के मुताबिक इस प्रकरण में दो पुलिस अधिकारी आमने सामने आ गये । यही वजह रही कि सुरेश कुमार मिश्र पर गाज गिरी लेकिन जब सच्चाई से पर्दा हटा तो स्वाटी टीम प्रभारी आजाद सिंह केशरी भी नहीं बच सके ।
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री को नसीहत देता था स्वाट टीम प्रभारी
स्वाट टीम प्रभारी आजाद सिंह केशरी द्वारा सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को लेकर कई आपत्तिजनक टिप्पणियां की गयी थी। बताया जाता है कि जौनपुर जिले के बदलापुर विधायक रमेश चन्द्र मिश्र ने कार्यवाही के लिए डीजीपी ओपी सिंह को पत्र लिखा । जिस पर आजाद सिंह केशरी के खिलाफ कार्रवाई कर दी गयी। इनकी लाइन हाजिरी के पीछे यह भी मामला जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि आजाद सिंह केशरी का विवादों से पुराना नाता रहा है। अन्य जिलों में भी तैनाती के समय अपनी कार्यशैली को लेकर अपने अधिकारियों को भी सांसत में डाल चुके हैं।
आईपीएस को मिली जांच
कोतवाल सुरेश कुमार मिश्र और स्वाट टीम प्रभारी आजाद सिंह केशरी के खिलाफ हुई विभागीय कार्यवाही की जांच आईपीएस डाॅ0 मीनाक्षी कात्यायन को सौंपी गयी है। वह हर पहलू पर जांच कर रही हैं। डाॅ0 कात्यायन ने बताया कि जांच के बाद रिपोर्ट उच्चााधिकारी को सौंपी जाएगी।
Published on:
23 May 2018 08:16 am
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