
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
सुलतानपुर. जिले के कुड़वार ब्लॉक के अन्तर्गत हरिहरपुर विनायकपुर गांव में लेखपाल ने कथित तौर पर दबंगों से दस हजार रूपए लेकर सरकारी जमीन पर कब्जा करा दिया और गांव वालों का रास्ता बंद करा दिया। ग्रामीणों की शिकायत पर सांसद प्रतिनिधि रणजीत कुमार तहसील पहुंचे और रास्ता खुलवाने की बात कही तो राजस्वकर्मी उनके खिलाफ लामबंद हो गए और तहसीलदार के सामने ही इनके खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
दरअसल, योगी आदित्यनाथ की सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति का माखौल जमकर उड़ रहा है। यहां कुड़वार ब्लॉक के हरिहरपुर विनायकपुर गांव के लेखपाल ने दबंग व्यक्ति से 10 हजार रूपए रिश्वत लेकर उसे ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा दिला दिया। ग्रामीणों ने प्रशासनिक स्तर पर शिकायत की लेकिन नतीजा शून्य रहा। अंत में ग्रामीण उक्त मामले में सांसद मेनका गांधी से मिले और अपनी शिकायत दर्ज कराई।
सांसद ने एसडीएम को 4 बार दिया निर्देश
सांसद ने 4 माह में 4 बार एसडीएम को लिखित में निर्देश भी दिए लेकिन समस्या का निदान नहीं हुआ। आज जब पीड़ित सांसद प्रतिनिधि रंजीत सिंह के पास पहुंचे तो वो एसडीएम से बातकर पीड़ित को लेकर तहसील पहुंच गए। यहां कानूनगो और लेखपालों की मीटिंग चल रही थी। सांसद प्रतिनिधि को देखकर आरोपी लेखपाल मामले को भांप गया और उसने लेखपाल संघ के नेताओं को इशारा कर दिया। इस पर लामबंद होकर लेखपाल नारेबाजी करने लगे।
लेखपालों ने की अभद्रता
मामला सदर तहसील के कुड़वार ब्लॉक अन्तर्गत हरिहरपुर विनायकपुर का है। यहां के निवासी नरेंद्र सिंह की मानें तो साल 2018 से ग्राम सभा में एक सड़क का मामला चल रहा है। लेखपाल सईद अहमद ने विपक्षी से 10 हजार लेकर सड़क बनने नहीं दे रहे हैं। सांसद ने चार बार एसडीएम को कहा भी तब भी काम नहीं हो सका। रास्ता अवरुद्ध होने के चलते बिजली के खम्भे लगने का काम नहीं हो पा रहा है। जब सांसद प्रतिनिधि पीड़ितों को लेकर आए तो लेखपालों ने कथित तौर पर उनके साथ अभद्रता की।
Published on:
07 Jan 2021 02:51 pm
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