
सुल्तानपुर. जिले के एक और वीर सपूत ने जम्मू कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की भेंट चढ़ा दी। अभी 2 दिनों पहले ही देश की सीमा पर एक सपूत ने बलिदान दिया था । जिले के लोग पहले से ही गमजदा थे कि इसी बीच जिले के एक और वीर सपूत के मरने की खबर ने भूचाल ला दिया है ।
जम्मू-कश्मीर में शहीद हुए ग्रेनेडियर निलेश सिंह का बड़ा बेटा यथार्थ (12) शहीद पिता के पदचिह्नों पर चलने की बात कहकर हर किसी को सोचने पर मजबूर कर गया। देशभक्ति से लबरेज़ बेटे ने कहा-'मेरे पिताजी मरे नहीं हैं, वो शहीद हुए हैं। मैं भी बड़ा होकर सेना में जाऊंगा और पाकिस्तान से अपने पिता का बदला जरूर लूंगा।'
नगरी गांव में पसरा मातम
जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर अखंडनगर थाना क्षेत्र के नगरी गांव में मातम पसरा है। यहीं जांबाज निलेश सिंह का घर है। शहादत की खबर जब गांव पहुंची, तो लोगों को विश्वास ही नहीं हुआ। पुष्टि के लिए शहीद जवान के परिजनों ने सेना मुख्यालय में फोन कर विस्तृत जानकारी ली।
2006 में देवलपुर की अर्चना सिंह से हुआ था ब्याह
शहीद नीलेश सिंह का जन्म नगरी ग्राम पंचायत निवासी साधारण किसान राम प्रसाद सिंह के बड़े पुत्र के रूप में सन 1987 में हुआ था। शहीद के अंदर छात्र जीवन से ही राष्ट्र सेवा का भाव जागृत हो चुका था। हाईस्कूल की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद सन 2003 में पहले ही प्रयास में मातृभूमि की सेवा हेतु सेना में चयनित हो गया। देश सेवा के तीन वर्ष बाद 2006 में सुलतानपुर के देवलपुर निवासी अर्चना सिंह से परिणय सूत्र में नीलेश बंध गए। साधारण गृहस्थ परिवार में जन्मे नीलेश कुमार सिंह के पिता रामप्रसाद सिंह व माता ऊषा सिंह निलेश की पत्नी और उसके दो बच्चों यथार्थ और 14 महीने के शिवाय के साथ रहते हैं। निलेश की पत्नी गोंडा के परसपुर में टीचर हैं।
घटना की सूचना पर परिवारीजनों को सांत्वना देने के लिए क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, क्षेत्राधिकारी कादीपुर डीपी शुक्ल, तहसीलदार रामचन्द्र सरोज के अलावा सैकड़ों लोग पहुंचे। शहीद का अंतिम संस्कार मंगलवार को होगा।
Published on:
3 Apr 2018, 7:26 AM IST
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