
Women dead body
अंबिकापुर/रामनगर. 6 महीने पूर्व एक महिला की बीमारी से मौत हो गई थी लेकिन शव का अंतिम-संस्कार करने की जगह बाप-बेटे ने उसका शव घर के कमरे में ही खाट पर रखा था। दोनों तांत्रिक विधि से उसे जिंदा करने का प्रयास कर रहे थे। इन 6 महीने में महिला का कंकाल ही बचा था। मामला का खुलासा तब हुआ जब भाई अपनी बहन के ससुराल पहुंचा।
यहां उसने देखा तो पता चला कि उसकी बहन की 6 महीने पहले ही मौत हो चुकी है। इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पुलिस ने जब पूछताछ की तो महिला के बेटे ने बताया कि मां की आत्मा से उसकी हर दिन बात होती है और भगवान ने उससे कहा है कि तेरी मां जिंदा हो जाएगी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर थानांतर्गत ग्राम रामनगर के सरनापारा निवासी कलेश्वरी गोंड़ 50 वर्ष अपने पति शोभनाथ गोंड़ व पुत्र अमेरिकन के साथ रहती थी। इसी साल फरवरी महीने में शिवरात्रि के दिन उसकी बीमारी के कारण मौत हो गई थी।
इधर पिता-पुत्र ने गांव तथा महिला के परिजनों को जानकारी देने व उसका अंतिम-संस्कार करने की बजाय घर के ही खाट में बिस्तर बिछाकर उसकी लाश रखी थी। दोनों तांत्रिक विधि से पूजा-पाठ कर उसे जिंदा करने का प्रयास कर रहे थे। इन 6 महीने में खाट पर महिला के शरीर की जगह कंकाल ही बचा था।
जब महिला का भाई 7 सितंबर को घर पहुंचा तो बहन के निधन होने का पता चला। इसकी सूचना उसने बिश्रामपुर थाने में दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरु की।
मां की आत्मा से होती है बात
पुलिस की पूछताछ में पिता-पुत्र ने बताया कि वे तांत्रिक विधि से पूजा-पाठ कर उसे जिंदा करने का प्रयास कर रहे थे। वहीं मृतिका के पुत्र अमेरिकन ने बताया कि उसकी बात मां की आत्मा से हर दिन होती है। उसे तो भगवान ने भी कहा है कि उसकी मां जिंदा हो जाएगी।
बात नहीं होने पर पहुंचा था भाई
इधर मृतिका के ग्राम सोहागपुर निवासी भाई ने बताया कि बहन से 6 महीने से बातचीत नहीं होने पर वह यहां मिलने पहुंचा था। यहां आकर पता चला कि उसकी मौत तो 6 महीने पहले ही हो चुकी है। फिलहाल बिश्रामपुर पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।
Published on:
08 Sept 2018 02:02 pm

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