Wife murder: मां कमरे में पहुंची तो बहू की पड़ी थी खून से लथपथ लाश, आरोपी की मां ने थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट, पुलिस ने आरोपी को सूचना के चंद घंटे बाद ही कर लिया गिरफ्तार, गंभीर रूप से घायल भाई को अस्पताल में कराया गया भर्ती
जयनगर. Wife murder: ग्राम पंचायत करवां मांझापारा में सोमवार की रात एक युवक ने घरेलू विवाद पर पत्नी की टांगी से गर्दन काटकर हत्या कर दी। हत्या कर भागने के दौरान जब उसका भाई पकडऩे लगा तो उसपर भी टांगी से प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। मामले की रिपोर्ट आरोपी की मां ने थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने वारदात के चंद घंटे के भीतर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मंगलवार को उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
इस संबंध में सूरजपुर जिले के लटोरी पुलिस ने बताया कि ग्राम पंचायत करवां माझापारा निवासी प्रेमकुमारी राजवाड़े ने मंगलवार को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 30 जनवरी की रात उसका मझला पुत्र प्राणसाय व बहू लालो अपने कमरे से बाहर आंगन में निकलकर लड़ रहे थे।
इस पर उसने दोनों को डांटा तो पुत्र अपनी पत्नी का हाथ पकडक़र घर के भीतर ले गया। इसके बाद वह सोने चली गई। करीब 1 घंटे बाद दो बार किसी चीज से प्रहार करने की आवाज आने पर वह बेटे-बहू के कमरे की खिडक़ी के पास पहुंची।
उसने कहा कि क्या कर रहे हो तो पुत्र प्राणसाय ने कहा कि तुम्हारी बहू की हत्या कर दिया हूं। वह जब दरवाजा खोलकर भीतर घुसी तो बहु लालो खून से लथपथ पड़ी थी और पुत्र प्राणसाय हाथ में टांगी रखा था।
भागने के दौरान भाई को भी किया घायल
महिला ने बताया कि जब उसने शोर मचाया तो आरोपी पुत्र भागने लगा। यह देख उसका भाई अमृत पकडऩे लगा तो प्राणसाय ने टांगी से भाई क ेऊपर भी हमला कर दिया और वहां से भाग निकला। महिला की रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 302, 323 के तहत मामला दर्ज किया।
मामले की सूचना पर पुलिस ने घटना के चंद घण्टों के भीतर ही आरोपी प्राणसाय राजवाड़े उर्फ प्राणसाय पिता स्व. शिवशंकर राजवाड़े 32 वर्ष निवासी ग्राम करवां माझापारा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने घरेलू विवाद होने पर उक्त घटना को अंजाम दिए जाने की बात स्वीकारी है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त टांगी जब्त किया है।
कार्रवाई में ये रहे शामिल
कार्रवाई में लटोरी चौकी प्रभारी धनंजय पाठक, प्रधान आरक्षक पिंगल मिंज, उदय सिंह, आरक्षक अम्बिका मरावी, कुंदन सिंह, पिताम्बर सिंह, बुधनाथ व नंदकिशोर राजवाड़े सक्रिय रहे।