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रश्मि नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत मामले में महिला डॉक्टर पाई गई दोषी, राज्य शासन ने किया सस्पेंड

Rashmi Nursing home: 3 महीने पूर्व निजी नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान नवजात के बाद प्रसूता की भी हो गई थी मौत, परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाकर की थी शिकायत, नर्सिंग होम को प्रशासन ने किया था सील

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Rashmi nursing home

Rashmi nursing home where mother-child death

सूरजपुर. Rashmi nursing home: शहर के रश्मि निजी नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान नवजात तथा कुछ घंटे बाद प्रसूता की मौत के मामले में ३ माह पश्चात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। उल्लेखनीय है तिलसिवां स्थित निजी नर्सिंग होम में 3 माह पूर्व 5 अप्रैल को प्रसव के दौरान बच्चे की मौत हो गई थी तथा कुछ घंटे बाद प्रसूता की भी मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने जांच में दोषी चिकित्सक व अन्य के खिलाफ धारा 304, 34 का मामला दर्ज किया था।


गौरतलब है कि सूरजपुर जिले के ग्राम भुवनेश्वरपुर निवासी पूजा साहू 22 वर्ष को 3 अप्रैल को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन उसे लेकर सूरजपुर जिला चिकित्सालय पहुंचे। यहां 4 अप्रैल तक उसका इलाज चलता रहा, लेकिन स्थिति में ज्यादा सुधार नहीं हुआ। 4 अप्रैल को परिजन उसे अंबिकापुर अस्पताल ले जाने का मन बना रहे थे।

इसी बीच जिला चिकित्सालय में पदस्थ डॉ. रश्मि कुमार ने उनसे कहा कि उनका ग्राम तिलसिवां में निजी नर्सिंग होम है, वहां अच्छी सुविधाएं हैं। नॉर्मल डिलीवरी के 15 हजार और ऑपरेशन से डिलीवरी में 35-40 हजार रुपए में हो जाएगा। वह 100 प्रतिशत नॉर्मल डिलीवरी करा देगी।

डॉक्टर की यह बात सुनकर परिजनों ने उसे रश्मि नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया। यहां 10 हजार रुपए एडवांस दिया तो उसका इलाज शुरु किया गया। फिर 5 अप्रैल की सुबह 5 से 10 बजे तक प्रसूता को ऑपरेशन थियेटर में ले गए और नॉर्मल डिलीवरी की कोशिश की। जब नॉर्मल डिलीवरी नहीं हुआ तो ऑपरेशन किया।

12 बजे आकर डॉक्टर ने परिजन को बताया कि बच्चे को हम बचा नहीं पाए लेकिन मां सुरक्षित है। परिजन ने जैसे-तैसे संतोष कर लिया। परिजन 3 बजे बेटी से मिलने गए तो वह ठीक थी। 5 बजे उसे रूम में शिफ्ट किया गया तो वह अच्छे से बोल रही थी, खाना मांगा लेकिन खाने नहीं दिया गया, सिर्फ पानी दिया गया।

साढ़े 10 बजे रात में ब्लड का दूसरा बॉटल चढ़ाने के दौरान उसकी स्थिति पूरी तरह से बिगड़ गई। कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। यह मामला सामने आने के बाद तथा परिजन की शिकायत पर प्रशासनिक टीम ने नर्सिंग होम को सील कर दिया था। वहीं पुलिस ने महिला चिकित्सक व अन्य के खिलाफ धारा 304, 34 का मामला दर्ज किया था।

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जांच प्रतिवेदन के आधार पर कार्रवाई
मामला संज्ञान में आने के बाद सीएमचओ द्वारा टीम गठित कर जांच कराई गई थी। टीम ने जांच के बाद डॉ. रश्मि कुमार स्त्री रोग विशेषज्ञ जिला चिकित्सालय सूरजपुर को प्रथमदृष्टया दोषी पाया।

इसके मद्देनजर राज्य शासन द्वारा डॉ. रश्मि कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर कार्यालय संभागीय संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवायें सरगुजा संभाग अंबिकापुर अटैच कर दिया गया है।

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