
Protest in front of police station
भैयाथान. सूरजपुर जिले के झिलमिली थाना क्षेत्र अंतर्गत बैजनाथपुर के पटवारी रामनारायण दुबे ने 20 मार्च को अपने घर में सुसाइड नोट लिखने के बाद जहर सेवन कर लिया था। उसका इलाज अंबिकापुर के एक निजी अस्पताल में चल रहा था। इसी बीच 25 मार्च की रात पटवारी ने दम तोड़ दिया। पटवारी की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा भड़क उठा।
इसके बाद उन्होंने झिलमिली थाना के सामने लाश रखकर जमकर प्रदर्शन किया। परिजनों ने महिला एसआई, पटवारी सहित एक अन्य व्यक्ति पर कठोर कार्रवाई की मांग की है।
पटवारी ने अपने सुसाइड नोड में महिला एसआई सुनीता भारद्वाज, पटवारी चंचल शर्मा व नीरज अग्रवाल पर 6 लाख रुपए लेने का आरोप लगाते हुए अपनी मौत का जिम्मेदार बताया था। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर काफी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है।
सूरजपुर जिले के झिलमिली भैयाथान थानांतर्गत ग्राम जमड़ी निवासी रामनारायण दुबे भैयाथान व बैजनाथपुर हल्का में पटवारी के पद पर पदस्थ थे। पटवारी ने 20 मार्च की रात घर में जहर का सेवन कर लिया। जब उनकी हालत बिगडऩे लगी तब परिजन को पता चला कि उन्होंने जहर का सेवन कर लिया।
आनन-फानन में परिजन उन्हें एक डॉक्टर के पास ले गए। यहां प्राथमिक उपचार के बाद सेहत में सुधार नहीं हुआ तो उन्हें परिजन बैकुंठपुर के अस्पताल ले गए। यहां भी डॉक्टरों ने गंभीर हालत देखकर उन्हें अंबिकापुर रेफर कर दिया। अंबिकापुर के जीवन ज्योति अस्पताल में काफी गंभीर स्थिति में उनका इलाज चल रहा था।
इसी दौरान रविवार की रात करीब 10 बजे उनकी मौत हो गई। सोमवार को सुबह पटवारी का शव लेकर परिजन झिलमिली थाना पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। परिजनों का कहना था कि महिला एसआई द्वारा किसी मामले को दबाने 6 लाख रुपए रिश्वत की मांग की गई थी।
4 लाख देने के बाद भी 2 लाख के लिए दबाव बनाया जा रहा था। इस मामले में पटवारी चंचल शर्मा व नीरज अग्रवाल भी शामिल हैं। उनका कहना था कि यदि मृतक को प्रताडि़त नहीं किया जाता तो उन्हें आज ऐसा दिन नहीं देखना पड़ता।
उन्होंने पुलिस व प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। करीब 2 घंटे से प्रदर्शन जारी है। इसमें थाने के सामने परिजन सहित क्षेत्र के सैकड़ों लोग शामिल है।
एसपी ने कर दिया था लाइन अटैच
24 मार्च को एसपी डीआर आंचला ने झिलमिली थाना प्रभारी सुनीता भारद्वाज का उक्त प्रकरण में नाम सामने आने के बाद जांच पूरी होने तक लाइन अटैच कर दिया था। वहीं मामले की जांच एसडीओपी द्वारा की जा रही थी।
सुसाइड नोट में ये लिखा
पटवारी की जेब से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उन्होंने लिखा है कि मेरी मौत का कारण तीन लोग झिलमिली थाने की प्रभारी भारद्वाज मैडम, पटवारी चंचल शर्मा व नीरज अग्रवाल हैं। मेरे 6 लाख रुपए भारद्वाज मैडम ने लिए हैं और मुझे झूठे प्रकरण में फंसा रहीं हैं। पटवारी ने घरवालों को संबोधित करते हुए लिखा है कि शादी मत रोकना, नहीं तो मुझे पाप पड़ेगा, मुझे माफ कर देना, मैं साथ नहीं निभा पाया।
Published on:
26 Mar 2018 01:31 pm
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