
Police station Jaynagar
बिश्रामपुर. क्षेत्र में कोल परिवहन करवाने व वाहनों में यदि कभी ओवरलोड कोयला भर जाए तो उसे नजर अंदाज करने के लिए प्रत्येक माह संबंधित थानों को एक निश्चित राशि रिश्वत के रूप में मिल जाती है।
इसके बावजूद भी जांच अभियान चलाकर उन वाहनों की धरपकड़ पुलिस द्वारा की जाती है। इससे वाहन स्वामियों को दोहरा नुकसान हो रहा है। वाहन स्वामियों ने पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब हर महीने रुपए दे देते हैं तो फिर चालान क्यों?
गौरतलब है कि परसा केते माइन्स से कोयला कोल परिवहन में लगे ५ ट्रांसपोर्ट कंपनी के माध्यम से कमलपुर साइडिंग में डंप होता है। उक्त सभी ट्रांसपोर्टर के खाते में लगभग 300 ट्रिप ट्रेलर शामिल हैं। पूर्व में कोल परिवहन के दौरान क्षेत्र की पुलिस व आरटीओ द्वारा मनमानी करते हुए वाहनों की जांच कर अवैध उगाही की जाती थी।
इस परेशानी से बचने के लिए उक्त सभी ट्रांसपोर्टरों द्वारा अपने-अपने खातों की वाहनों से मासिक तौर पर आरटीओ एवं थानों के नाम पर 1000 से 2000 रुपए की कटौती की जाती है और कोल परिवहन के रूट पर पडऩे वाली समस्त थानों व आरटीओ को हर महीने एक निश्चित रकम रिश्वत के रूप में पहुंचाई जाती है, ताकि कोल परिवहन सुगम तरीके से हो सके।
अब हर माह एक निश्चित राशि देने के बाद भी पुलिस द्वारा अभियान चलाकर कोल वाहनों की जांच कर चालान काटा गया। रविवार की रात जयनगर थाना द्वारा ग्राम कमलपुर के पास कई कोल वाहनों को पकड़कर चालान किया गया, जबकि वाहन स्वामी पहले ही महीने का भुगतान अपने-अपने ट्रांसपोर्टरों को कर चुके हैं।
जब इस संबंध में कुछ ट्रांसपोर्टरों से बात की गई तो नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि हम प्रत्येक माह की 10 तारीख से पहले महीने की निर्धारित राशि पुलिस तक पहुंचा देते हैं। इसके बावजूद इस तरह की कार्रवाई की जा रही है तो यह गलत है। इससे वाहन मालिकों को दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है।
वाहनों में होती है थोड़ी बहुत कमी
परसा केते अदानी माइंस में जब कभी किसी वाहन को परिवहन की अनुमति मिलती है तो वाहन के कागजात पूर्ण करवाए जाते हैं। इससे एक बात तो तय है कि वाहनों के कागजात पूर्णत: नियमानुसार ही चालकों के पास होते हैं, बस कमी होती है तो कभी कोई टूट-फूट या कभी कोई टायर फट गया, उखड़ गया।
इस प्रकार की कुछ खामियां वाहनों में लगी रहती है और इन्हीं कमियों का टारगेट बनाकर पुलिस व आरटीओ अक्सर अवैध उगाही करते थे। इससे बचने के लिए ही महीने में निर्धारित राशि रिश्वत के रूप में पहुंचाई जाती है, इसके बावजूद पुलिस द्वारा इस तरह की कार्रवाई की जा रही है।
नहीं आई है ऐसी शिकायत
ऐसे मामले की जानकारी नहीं थी। ऐसी कोई भी शिकायत हमारे पास आएगी तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में दुर्घटनाओं की संख्या में काफी इजाफा हुआ है, इसके मद्देनजर भारी सहित अन्य वाहनों की जांच की जा रही है, जो लगातार जारी रहेगी।
गिरजाशंकर जायसवाल, एसपी, सूरजपुर
Published on:
19 Jun 2018 04:37 pm
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