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फुटबॉल फट गया तो हॉस्टल प्रबंधन ने बच्चों का बंद किया खाना-पीना, भूख से बेचैन हुए छात्र, मचा हडक़ंप तो पहुंचे शिक्षाधिकारी

Hostel management stopped children food: हॉस्टल व्यवस्थापक का कहना कि बच्चों को सुधारने के लिए किया जा रहा ऐसा काम, बीईओ ने की मामले की जांच, निजी हॉस्टल प्रबंधन को नोटिस जारी

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फुटबॉल फट गया तो हॉस्टल प्रबंधन ने बच्चों का बंद किया खाना-पीना, भूख से बेचैन हुए छात्र, मचा हडक़ंप तो पहुंचे शिक्षाधिकारी

Officers in hostel

केरता. Hostel management stopped children food: जगन्नाथपुर मिशन शैक्षणिक संस्था द्वारा चावल धोने का बर्तन छेद होने व फुटबॉल फट जाने पर हॉस्टल के बच्चों के साथ अमानवीय कृत्य किया गया। संस्था द्वारा बच्चों को दो टाइम का खाना बंद कर दिया गया। इस मामले की जानकारी शिक्षा विभाग तक पहुंची। इसके बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी टीम के साथ जांच करने पहुंचे। जांच में हॉस्टल संचालन में कई खामियां पाईं गईं। इस पर संस्था को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, वहीं तीन दिन के अंदर कार्रवाई की बात कही गई है।


सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम जगन्नाथपुर में मिशन संस्था द्वारा स्कूल व हॉस्टल का संचालन किया जाता है। यहां हॉस्टल में बच्चों को दिए गए फुटबॉल फट गया था, इसके अलावा चावल धोने के बर्तन में छेद हो गया था। संस्था के व्यवस्थापक ने इसकी सजा बच्चों को दी।

मंगलवार की दोपहर व्यवस्थापक द्वारा बच्चों का खाना बंद कर दिया गया। इस अमानवीय कृत्य की वजह से बच्चे भूख से व्याकुल होने लगे। इसकी जानकारी कुछ अभिभावकों को हुई तो उन्होंने हॉस्टल पहुंचकर पूरे मामले पर नाराजगी जताई व भूखे बच्चों को खाने के लिए बिस्किट दिए।

कई अभिभावक अपने बच्चों को साथ ले गए। वहीं मामले की जानकारी होने पर लघु वेतन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री कृनेश सिन्हा ने जब हॉस्टल के व्यवस्थापक से फोन पर बात कर पूछा कि आपने ऐसा क्यों किया तो जवाब मिला कि बच्चों को सुधारने के लिए ऐसा कार्य किया जा रहा है। बातचीत का यह ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

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बीएमओ ने की जांच, जारी की गई नोटिस
संस्था की इस हरकत से जिला शिक्षा अधिकारी रामललित पटेल को अवगत कराया गया तो वे रात में ही हॉस्टल पहुंचे तो गेट पर ताला देख वापस लौट गए। इसके बाद बुधवार की सुबह प्रतापपुर के विकासखंड शिक्षा अधिकारी एमएस धुर्वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे व जांच प्रारंभ की।

मामले की सूचना पर स्थानीय जनप्रतिनिधि भी स्कूल पहुंचे व इस कृत्य पर नाराजगी जताई। इधर बीईओ ने जांच के बाद प्रतिवेदन तैयार किया। इस संबंध में बीईओ एमएस धुर्वे ने कहा कि संस्था को शो कॉज नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रतिवेदन तैयार कर उच्च कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा।

संस्था के खिलाफ उच्च कार्यालय से कार्रवाई की जाएगी। इस दौरान भाजपा जिला उपाध्यक्ष लाल संतोष सिंह, शक्कर कारखाना के अध्यक्ष विद्यासागर सिंह, राजकुमार गुप्ता, अक्षय तिवारी, विशाल गुप्ता, मुकेश तायल, अभय गुप्ता, विश्वजीत सोनी, शिवरतन मिंज, रामचंद्र गुप्ता,

शंकर रवि, मनीष सिंह, मंगल सिंह, चौकी प्रभारी खडग़वां बृजकिशोर पांडे अपने पूरे स्टाफ के साथ उपस्थित थे। वहीं भाजपा नेता लाल संतोष सिंह ने चेतावनी दी है कि दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती है तो संस्था के खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। साथ ही हॉस्टल में जो भी खामियां हैं, उन्हें भी जल्द दुरूस्त किया जाए।

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हॉस्टल के निरीक्षण में मिली कई कमियां
हॉस्टल के निरीक्षण में काफी कमियां पाईं गईं। 50 बेड के हॉस्टल में 66 बच्चों को रखा गया है, जबकि शासन से 21 बेड की मान्यता प्राप्त है। अधिकांश बेड में मच्छरदानी तक नहीं पाई गई। खिड़कियों पर पर जाली नहीं लगे हुए थे, बेड टूटे हुए थे। इसके अलावा बच्चों से जब बात की गई तो पता चला कि प्रबंधन द्वारा उनसे कई कार्य कराए जाते हैं।

बच्चों से टॉयलेट की सफाई, झाडू़ लगवाना आदि कार्य कराए जाते हैं। यही नहीं हॉस्टल में पॉइजन की भी शीशी ऐसी ही रखी पाई गई जो घोर लापरवाही को दर्शाता है।