
Elephant broken house
पोड़ी मोड़. कॉलर आईडी लगने के बाद और ज्यादा आक्रामक हो चुके बहरादेव हाथी ने गुरुवार की रात सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम मसगा में जमकर उत्पात मचाया। उसने ३ घरों को क्षतिग्रस्त करने के साथ ही फसलों को भी नुकसान पहुंचाया। पूरी रात ग्रामीण दहशत में रहे और बिना किसी वनकर्मी की उपस्थिति में ही हाथी को खदेड़ते नजर आए।
ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर आक्रोश जताया है, वहीं सवाल भी पूछ रहे हैं कि जब राहत मिल ही नहीं रही है तो लाखों रुपए खर्च कर रेडियो कॉलर क्यों लगाया गया। जब हाथी की लोकेशन मिल रही है तो ग्रामीणों को अलर्ट क्यों नहीं किया जा रहा।
गौरतलब है कि कुछ महीने पूर्व सरगुजा वन वृत के सीसीएफ और उनकी टीम ने बहरादेव नामक हाथी में रेडियो कॉलर लगाते हुए वाहवाही बटोरी थी। दावा किया गया था कि इससे हाथी की पल-पल की लोकेशन मिलते रहेगी और रिहायशी क्षेत्र में घुसने से पहले ही उसे रोक दिया जाएगा।
ग्रामीणों को भी अलर्ट किया जा सकेगा, लेकिन ये सारे दावे उलट साबित हो रहे हैं। रेडियो कॉलर लगने के बाद ये हाथी स्वच्छंद विचरण कर प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में जमकर उत्पात मचा रहा है। कुछ ही दिन पूर्व हाथी ग्राम जगन्नाथपुर में मुख्य मार्ग पर काफी देर तक घूमता रहा लेकिन इस दौरान एक भी वनकर्मी वहां नजर नहीं आया। शुरूवार की रात हाथी ग्राम मसगा में घुस गया।
ये हुए उत्पात के शिकार
हाथी ने ग्राम मसगा निवासी सुनील पिता दिलबोध श्याम गोंड़ के घर की बाउंड्रीवाल तोड़ दिया व गन्ने की फसल चट कर गया। तिलोचन पिता रघुनाथ गोड़ की घर की दीवार तीन जगह तोड़ दी, चावल, गेहूं व मक्का खा गया। जब हाथी ने इस घर पर हमला किया परिवार के सभी लोग घर के अंदर थे, उन्होंने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई।
इसी तरह सुरेश पिता चांद साय गोंड़ का मकान, चावल व मक्का को नुकसान पहुंचाया। हाथी के उत्पात से ग्रामीण पूरी रात दहशत में रहे, उन्होंने किसी तरह बिना किसी वनकर्मी की मदद से हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
मसगा के दिव्यांग और संघ के अध्यक्ष सुमंत प्रजापति ने बताया कि बहरादेव उनके घर के पास आ गया था, घर के बाहर मवेशी बंधे थे और काफी प्रयास के बाद उन्होंने हाथी को घर से दूर भगाया।
सुमंत ने वन विभाग पर आरोप के साथ कॉलर आईडी पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बहरादेव हाथी में रेडियो कॉलर लगने के बाद भी वन विभाग के अधिकारी उसका लोकेशन नही बता पा रहे हैं।केवल शासकीय राशि का जमकर दुरूपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि गांव में कई दिनों से बिजली गुल है, इससे भी काफी समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीण बोला-नहीं चाहिए मुआवजा
मसगा निवासी सुरेश ने रात में घर टूटने के बाद सुबह ही घर बनाना चालू कर दिया। ग्रामीणों ने उसे मना किया ताकि फॉरेस्ट वाले आकर निरीक्षण कर लें और मुआवजा प्रकरण तैयार हो सके लेकिन उसने कहा कि मुआवजा नहीं चाहिए।
वन विभाग द्वारा इसके लिए काफी परेशान किया जाता है। कई चक्कर काटने के बाद भी मुआवजा नहीं मिलता। पिछले वर्ष भी हाथी ने उसका घर क्षतिग्रस्त किया था जिसका मुआवजा आज तक उसे नहीं मिला है।
Published on:
27 Jul 2018 09:51 pm
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