
सूरत.
सूरत राउंड टेबल इंडिया की ओर से रविवार को उमरा कम्युनिटी हॉल से ब्लाइंड कार रैली का आयोजन किया गया। इसमें सूरत समेत प्रदेश के 101 नेत्रहीनों ने हिस्सा लिया। उनकेे साथ १०१ कार चालक भी मौजूद थे। सुबह आठ बजे स्कूली छात्रों के बैंड की धुन के साथ विशेष पुलिस आयुक्त एस.जी.भाटी, पूर्व कुलपति दक्षेश ठाकर, संयुक्त आयकर आयुक्त ब्योमकेश पांडा और अन्य लोगों ने फ्लैग ऑफ कर कारों को रवाना किया। प्रत्येक नेत्रहीन को ब्रेन लिपि में ७० किलोमीटर लंबे रूट का खाका दिया गया था, जिसे पढ़कर उन्हें कार चालकों को दिशा निर्देशित करना था। रूट में उन्हें निर्धारित प्वॉइंट्स पर पहुंचना था। प्रत्येक प्वॉइंट के सफर के लिए उन्हें अंक दिए गए। शाम को उमरा के कम्युनिटी हॉल में ही प्रतियोगिता का समापन समारोह हुआ। इसमें पिछले दिनों पाकिस्तान को फाइनल में हराकर ब्लाइंड क्रिकेट वल्र्ड कप की विजेता रही टीम के अनिल गारिया, गणेश मुहूडकर,नरेश टुम्बा और उनके कोच दिलीप जोगारी भी मौजूद थे। इसमें सूरत समेत प्रदेश के 101 नेत्रहीनों ने हिस्सा लिया। उनकेे साथ १०१ कार चालक भी मौजूद थे।
बढ़ता है आत्म विश्वास
मैं वड़ोदरा में रहता हूं तथा एक मोबाइल कंपनी के कॉल सेंटर में काम करता हूं। मेरी आंखें बचपन से कमजोर थी और १५ साल की उम्र में आंखों की रोशनी पूरी तरह चली गई। ब्लाइंड कार रेस में पिछले दस साल से हिस्सा ले रहा हूं। इसमें मजा आता है और आत्म विश्वास ृबढ़ता है। पिछले साल भी हिस्सा लिया था और दूसरे स्थान पर रहा था।
पीयूष मेहता, प्रज्ञा चक्षु
पहला अनुभव अच्छा रहा
मेरा कपड़ों का कारोबार है। रैली में पहली बार अपनी कार के साथ शामिल हुआ। पीयूष मेहता का सहयोगी बनना अच्छा अनुभव था। पीयूष का अनुभव रैली में काम आया। हमें नियमानुसार सफर पूरा करने में तीन घंटे लगे। परिणाम पता नहीं चला है, लेकिन अनुभव बहुत अच्छा रहा।
अनिरुद्ध गुप्ता, कार चालक
Published on:
11 Feb 2018 08:43 pm
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