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27 साल बाद मिला इंसाफ और कैद दो साल की

पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था

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सूरत. जमीन के विवाद को लेकर हुई मारपीट के मामले में 27 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए नौ अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए सभी को दो-दो साल की कैद की सजा सुना दी।
प्रकरण के अनुसार रांदेर निवासी नवटर देवचंद काबरावाला और जयकिशन देवचंद काबरावाला के परिवारों के बीच पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। 18 मई, 1989 को जयकिशन देवचंद और उसके परिजनों ने नटवर देवचंद और उसके परिवार पर हमला कर दिया था। नटवर की पत्नी निर्मला ने जयकिशन काबरावाला, अश्विनकुमार काबरावाला, मुकेश काबरावाला, हेमंतकुमार काबरावाला, ईश्वर काबरावाला, कांति काबरावाला, कंचन काबरावाला, अक्षयकुमार काबरावाला और राकेशकुमार काबरावाला के खिलाफ रांदेर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी।

नौ जनों दो साल की कैद

चार्जशीट पेश किए जाने के बाद कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी। 27 साल बाद कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए सभी नौ अभियुक्तों को दोषी माना और दो साल की कैद की सजा सुनाई।

कंटेनर से कचरा गिरने पर चालक से मारपीट


सूरत. मनपा के कंटेनर से कचरा गिरने पर एक युवक ने सिंगणपोर ट्रांसपोर्ट स्टेशन प्लांट पर दोस्तों के साथ मिलकर कंटेनर चालक की पिटाई कर दी। चालक की शिकायत पर चौक बाजार पुलिस ने तीन जनों के खिलाफ सरकारी कार्य में रुकावट डालने तथा मारपीट का मामला दर्ज कर लिया है।


पुलिस के मुताबिक भटार की रत्नदीप सोसायटी निवासी जयेश विठ्ठल पटेल, जो मनपा के सोलिड वेस्ट विभाग में ड्राइवर है, सोमवार दोपहर दो बजे कचरा भरा कंटेनर लेकर वेडरोड से गुजर रहा था। कंटेनर से कचरा मोपेड सवार एक युवक पर गिरा, जिसे लेकर उसने जयेश से झगड़ा शुरू कर दिया। लोगों ने बीच-बचाव किया तो वह वहां से चला गया। कुछ देर बाद वह अपने दो दोस्तों के साथ सिंगणपोर ट्रांसपोर्ट स्टेशन प्लांट पहुंचा और जयेश पटेल से मारपीट शुरू कर दी। उन्होंने एक वाहन के शीशे भी तोड़ दिए।