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राजस्थान यात्रा के लिए 30 बसों की मांगी मंजूरी

सिरोही जिला कलक्टर के संशोधित लेटर से स्थिति साफ होने के बजाय और उलझी  

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राजस्थान यात्रा के लिए 30 बसों की मांगी मंजूरी

राजस्थान यात्रा के लिए 30 बसों की मांगी मंजूरी

सूरत. लघु भारत सूरत में बसे प्रवासी राजस्थानी भी लॉकडाउन का सवा माह यूं ही बैठे-बैठे बिताने के बाद अब देस जाने को तैयार है और इसके लिए 30 बसों की मंजूरी भी मांगी गई है, लेकिन सिरोही जिला कलक्टर के संशोधित लेटर से स्थिति साफ होने के बजाय फिलहाल उलझी हुई ही अधिक प्रतीत हो रही है।
लॉकडाउन के दौरान सूरत में बसे प्रवासियों की वतन वापसी का सिलसिला सोमवार से शुरू हो गया है। देस वापसी के लिए प्रवासी राजस्थानियों ने भी पिछले दिनों ऑनलाइन व हॉडकॉपी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी की है। इसमें मिली जानकारी के मुताबिक गत दिनों में राजस्थान के विभिन्न जिलों में जाने के लिए सैकड़ों प्रवासी राजस्थानियों ने फॉर्म भरें। इसमें उन्होंने 30 बस व एक हजार से ज्यादा निजी वाहनों की अनुमति भी मांगी है। हालांकि फिलहाल सरकारी व प्रशासनिक स्तर पर राजस्थान प्रवास मामले में किसी तरह की स्पष्टता नहीं हो पाई है। उधर, सिरोही जिला कलक्टर कार्यालय से सोमवार दोपहर जारी पत्र में गुजरात के हॉटस्पॉट सूरत, अहमदाबाद, वड़ोदरा, राजकोट व भावनगर से प्रवासी राजस्थानी को निजी वाहन से जिले में आने की अनुमति नहीं देने की बात कही गई थी। इससे सूरत के प्रवासी राजस्थानियों की चिंता बढ़ गई थी, लेकिन इसके बाद मध्यरात्रि करीब जारी दूसरे पत्र में बताया गया कि गुजरात के सरकारी कैम्पों में रह रहे राजस्थानी श्रमिकों को लाने की व्यवस्था राजस्थान सरकार कर रही है। इस पत्र से स्थिति सुलझने के बजाय सूरत में और उलझ गई, क्योंकि यहां इस तरीके का कोई कैम्प व उसमें राजस्थानी श्रमिक नही है।


नीति बनेगी, तब तक पंजीकरण करवाए


उधर, इस संबंध में सिरोही जिला कलक्टर भगवतीप्रसाद कलाल से हुई बातचीत में उन्होंने बताया कि पत्र के मुताबिक मंगलवार को अहमदाबाद से दो व भावनगर से एक बस से राजस्थानी श्रमिक आबुरोड़ बॉर्डर के निकट माजल कैम्प में पहुंचे है। फिलहाल हॉटस्पॉट जिलों से निजी वाहनों में प्रवासी राजस्थानियों को आने की अनुमति नहीं दी गई है। इस संबंध में राजस्थान सरकार ने हेल्पलाइन नंबर 18001806127 व द्गद्वद्बह्लह्म्ड्ड.ह्म्ड्डद्भड्डह्यह्लद्धड्डठ्ठ.द्दश1.द्बठ्ठ पोर्टल, ई-मित्र मोबाइल एप अथवा ई-मित्र कियोस्क पर प्रवासी राजस्थानियों को पंजीकरण कराने की जानकारी दी है। पंजीकरण के बाद लोगों की यात्रा संबंधी वहां की सरकार से सहमति ली जाएगी और बाद में प्रवासियों की यात्रा संबंधी तिथि, वाहन व्यवस्था, मेडिकल आदि की नीति तैयार की जाएगी।