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मेडिकल उपकरण लेने के बहाने फर्जीवाड़ा कर बैंक से लिया 36 लाख का लोन

- डॉक्टर के खिलाफ महिधरपुरा थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज- A case of fraud filed against the doctor at the Mahidharpura police station

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मेडिकल उपकरण लेने के बहाने फर्जीवाड़ा कर बैंक से लिया 36 लाख का लोन

मेडिकल उपकरण लेने के बहाने फर्जीवाड़ा कर बैंक से लिया 36 लाख का लोन


सूरत. वराछा के एक डॉक्टर ने मेडिकल उपकरणों की खरीददारी के लिए बैंक से 36 लाख रुपए का लोन लिया और फिर उक्त रुपए अपने निजी उपयोग में ले लिए। बैंक की पड़ताल में यह घपला सामने आने पर महिधरपुरा पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक वराछा लंबे हनुमान रोड जॉली इंकलेव निवासी दंत चिकित्सक कौशिक गजेरा ने लाल दरवाजा स्टेशन रोड स्थित दी सूरत डिस्ट्रिक्ट को-ऑपरेटिव बैंक के साथ धोखाधड़ी की। वराछा रोड़ हीराबाग स्थित सारथी कॉम्प्लेक्स में गजेरा डेंटल क्लीनिक चलाने वाले कौशिक ने 2016 में अपने क्लीनिक के लिए विभिन्न मेडिकल उपकरण खरीदने के लिए 42 लाख रुपए के लोन के लिए बैंक में आवेदन किया था।

उन्होंने उपकरणों की खरीददारी के लिए अहमदाबाद की एशियन डेंटल इक्युपमेंट फर्म का कोटेशन भी दिया था। फरवरी 2017 में बैंक ने कई शर्तो के साथ 36 लाख रुपए का लोन मंजूर किया था। शेष 4 लाख रुपए की भरपाई को लेकर कौशिक ने बैंक में रसीद भी पेश की थी जिसमें एशियन इक्युपमेंट के संचालक एसबी चुड़ास्मा के हस्ताक्षर भी थे।

कोशिक ने लोन अकाउन्ट खुलवा कर बैंक से एशियन इक्युपमेंट के नाम का पे ऑर्डर लिया था और फिर पैमेंट की रसीद भी बैंक में जमा करवाई थी। डॉक्टर कौशिक ने फरवरी 2018 तक 2 लाख 26 हजार 420 रुपए किश्त की भरपाई की। उसके बाद किश्त भरना बंद कर दिया। बैंक ने रिकवरी की कार्रवाई शुरू की तो पता चला कि मेडिकल उपकरणों की खरीददारी हुई ही नहीं थी।

इस बीच कौशिक ने 1.50 लाख रुपए और जमा करवाए। बैंक की जांच में पता चला कि पे ऑर्डर के रूप में दी गई लोन की राशि वराछा को-ऑपरेटिव बैंक में जमा हुई थी। जिस कंपनी के नाम यह खाता है उसकी मालिक कौशिक की पत्नी मीतू है। अहमदाबाद की कंपनी से मात्र कोटेशन लिया गया था। फिर फर्जी रसीदें और अकाउन्ट नम्बर बता कर बैंक के साथ धोखाधड़ी की गई थी। इस बैंक के प्रबंधन ने महिधरपुरा थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई।