
अयप्पा मंदिर में 41 दिवसीय मंडल महोत्सव
सिलवासा. टोकरखाड़ा अयप्पा मंदिर में 41 दिवसीय मंडल महोत्सव आरम्भ हो गया है। श्रद्धालुओं ने सवेरे पल्लीयुनर्तल, अभिषेक, गणपति हवन, मध्यान्ह पूजन तथा शाम को दीप आराधना एवं हरिवरासनम आदि धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। 27 दिसम्बर तक चलने वाले धार्मिक कार्यक्रमों के तहत मंदिर में 2 दिसम्बर से 8 दिसम्बर तक भागवत कथा तथा 23 दिसम्बर सेविशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अयप्पा सेवा संगठन के अध्यक्ष ए राजेन्द्रन ने बताया कि मंडल पूजा महोत्सव में पूजन व धार्मिक कार्यक्रमों के लिए पंडितों का विशेष दल आया है। मंदिर में सभी धार्मिक कार्यक्रम केरल के सबरीमला मंदिर की तर्ज पर आयोजित होंगे। सबरीमला में भगवान अयप्पा का प्रसिद्ध मंदिर हैं,उसी तर्ज पर सिलवासा मंदिर में पूजा-अर्चना व विधि होती है। 27 दिसम्बर तक चलने वाले इस महोत्सव में दानह के अलावा वापी, वलसाड एवं आसपास से श्रद्धालु भाग लेंगे। अगले माह 23 दिसम्बर से पूजा के विशेष कार्यक्रम रखे गए है। 23 दिसम्बर को गणपति आराधना, अष्टद्रव्य महागणपति हवन 24 दिसम्बर को सरस्वती आराधना, ललिता सहस्त्रनामार्चना, 25 दिसम्बर को नवग्रह आराधना 26 दिसम्बर को समूह सहस्त्रनामार्चना तथा 27 दिसम्बर को आमली गायत्री मंदिर से शोभायात्रा निकाली जाएगी। मंदिर में धार्मिक कार्यक्रमों के कारण भक्तों का आवागमन बढ़ गया है। शाम को भक्तों के लिए नित्य महाप्रसाद रखा गया है।
देवउठनी एकादशी पर गूंजेगी शहनाई
कार्तिक शुक्ल एकादशी पर देव चार माह की शयन अवस्था का त्याग करेंगे और देवउठनी एकादशी का पर्व सोमवार को मनाया जाएगा। आषाढ़ शुक्ल एकादशी से चार माह पहले देवशयन एकादशी मनाई गई थी और तब से ही पौराणिक मान्यता के अनुसार शुभ प्रसंगों पर रोक लग गई थी। दीपावली के बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी सोमवार को देवउठनी एकादशी का पर्व मनाया जाएगा और इस दौरान तुलसी-शालिग्राम विवाह, देव दिवाली समेत अन्य कई धार्मिक कार्यक्रम शहर व आसपास आयोजित किए जाएंगे। देवउठनी एकादशी के अबूझ सावे पर शादी-विवाह समेत अन्य कई शुभ प्रसंग भी सोमवार को आयोजित किए जाएंगे। पंडित ओपी शर्मा ने बताया कि देवउठनी एकादशी के मौके पर गृहप्रवेश, व्यापार, मंगल पारणा, पूजन, राजयोग, नौकरी-पेशा आदि मांगलिक कार्यक्रम सोमवार को किए जाएंगे।
Published on:
17 Nov 2018 08:17 pm
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