
juj dam
वांसदा. एक सप्ताह से क्षेत्र में हो रही बरसात से सभी नदियां और नाले छलक उठे हैं। सीजन शुरू होने के दो माह तक बरसात न होने से चिंतित किसान इस स्थिति को देखकर बहुत खुश हो रहे हैं। बरसात से पानी की आवक बनी है जिससे जूज डेम में 50 प्रतिशत पानी की आवक हो चुकी है। डेम के ओवरफ्लो की सतह 167.50 मीटर है और वर्तमान में डेम का जलस्तर 160.55 मीटर हो गया है। बरसात शुरू होने पर आगामी दिनों में डेम के ओवरफ्लो होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस डेम के पानी का लाभ वांसदा, नानी भामटी, धरमपुरी, सरा, महुवास, होलीपाड़ा, केलिया, भिनार, खड़किया, लीमझर सहित कई गांवों को मिलता है। इसी तरह केलिया डेम में भी 67 प्रतिशत तक पानी भर गया है। डेम का जलस्तर 109.85 मीटर है जबकि ओवरफ्लो की सतह 113.40 मीटर है। केलिया डेम से केलिया, सुखाबारी, झरी, प्रतापनगर, रंगपुर समेत चिखली तथा खेरगाम तहसील के अनेक गांव के लोग लाभान्वित होते हैं। दोनों डेम में पानी की आवक जारी रहने से लोगों में खुशी है।
बरसात ने लिया विराम, लोगों को राहत
वलसाड. वलसाड में पांच दिनों से जारी बरसात के विराम लेने से लोगों ने राहत की सांस ली है। लगातार बरसात के कारण कई जगहों पर पानी भरने से सामान्य जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया था। लीलीपोर और वेजलपोर गांव में पानी भर गया था। इसकी सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी पहुंचे। सरपंच द्वारा लोगो को तुरंत सहायता पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया। बाढ़ का पानी उतरने के बाद वहां सफाई काम शुरू करवाया दिया गया है। हालांकि जल भराव से कहीं ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन बरसात से शहरी और ग्रामीण विस्तार की अधिकांश सड़कें टूट गई है और रास्ते गड्ढे में बदल गए हैं। लोगों ने जल्द से जल्द इनकी मरम्मत करने की मांग की है।
Published on:
19 Aug 2020 01:04 am
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