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ACPC : डिप्लोमा में 30 और सी टू डी में 32 हजार सीटें रिक्त

सूरत. गुजरात में रिक्त पड़ी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट टू डिप्लोमा (सी-टू-डी ) C TO D की सरकारी सीटों के लिए अब प्रवेश समिति ऑफलाइन राउंड का सहारा लेगी। इसके लिए विद्यार्थियों को 5 सितम्बर तक वेबसाइट पर पंजीकरण करने का निर्देश दिया गया है। सी-टू-डी की सीटों के लिए 8 और डिप्लोमा की 11 सितम्बर को मेरिट लिस्ट जारी की जाएगी। सी-टू-डी में प्रवेश के लिए 11 और डिप्लोमा के लिए 12 सितम्बर को विद्यार्थियों को रूबरू उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है।

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ACPC : डिप्लोमा में 30 और सी टू डी में 32 हजार सीटें रिक्त

ACPC : डिप्लोमा में 30 और सी टू डी में 32 हजार सीटें रिक्त

राज्य की डिप्लोमा इंजीनियरिंग और सर्टिफिकेट टू डिप्लोमा (सी-टू-डी) की सीटों को भरने के लिए एडमिशन कमेटी फॉर प्रोफेशनल कोर्सेस (एसीपीसी) लंबे समय के प्रवेश प्रक्रिया चला रही है। प्रवेश के तीन ऑनलाइन राउंड आयोजित किए गए हैं। फिर भी डिप्लोमा में 30 हजार और सी टू डी में 32 हजार के करीब सीटें रिक्त पड़ी हैं। रिक्त सीटों को भरना अब नामुमकिन नजर आ रहा है। इसलिए प्रवेश समिति ने मात्र सरकारी और अनुदानित कॉलेजों की सीटों को भरने का ही निर्णय लिया है। स्वनिर्भर कॉलेजों को खुद ही अपने लिए विद्यार्थी जुटाने की छूट दी गई है, लेकिन स्वनिर्भर संचालकों के लिए रिक्त सीटों को भरना अब असंभव सा हो गया है। दोनों पाठ्यक्रमों की सरकारी और अनुदानित सीटों को भरने के लिए ऑफलाइन राउंड करने का तय किया गया है। इसके लिए 5 सितम्बर तक वेबसाइट पर पंजीकरण करने की सूचना दी है।

- प्रो-रेट एक समान बना रहे :
गुजरात के इंजीनियरिंग संस्थानों में 2024 से डिप्लोमा से डिग्री (डी-टू-डी) में प्रवेश के लिए जेईई की तरह प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की घोषणा की गई है। घोषणा के चलते कई विश्वविद्यालयों के साथ विद्यार्थी भी परेशान होने लगे हैं। डिग्री में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के मेरिट में प्रो-रेट एक समान बना रहे, इसलिए यह निर्णय किया गया है। डिप्लोमा इंजीनियरिंग पास करने वाले विद्यार्थियों को डिग्री इंजीनियरिंग के दूसरे साल में सीधा प्रवेश दिया जाता है। इस प्रवेश प्रक्रिया को डी-टू-डी कहा जाता है।