
SURAT NEWS : कुख्यात सूरज कालिया गैंग के खिलाफ गूजसीटोक के तहत कार्रवाई
सूरत. आपराधिक गिरोहों को नहीं पनपने देने का मजबूत इरादा व्यक्त करने वाली सिटी पुलिस ने 2023 में पहली बड़ी कार्रवाई की है। पांडेसरा में दहशत में पर्याय बन रहे सूरज कालिया व राज मालिया गैंग के खिलाफ गुजसीटोक (दी गुजरात कंट्रोल ऑफ टेरेरिज्म एण्ड ऑर्गेनाइज्ड क्राइम एक्ट 2005) के तहत कार्रवाई शुरू की है।
पुलिस ने गिरोह के तीन फरार सदस्यों को गिरफ्तार किया है जबकि गिरोह के दोनों मुख्य सूत्रधार पहले से जानलेवा हमले के मामले में लाजपोर जेल में बंद है। जानकारी के अनुसार पिछले दिनों पांडेसरा थाने में सूरज सरोज उर्फ कालिया, राज पंडा उर्फ मालिया के खिलाफ जानलेवा हमले का मामला दर्ज हुआ था।
इस मामले में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था। बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया था। इस मामले के बाद पुलिस ने इन दोनों के साथ विभिन्न मामलों में लिप्त रहे इनके साथियों के बारे में पड़ताल की। पुलिस की छानबीन में सामने आया है। सभी आदतन अपराधी है, संगठित रूप से अपराध करते है।अपराध को ही इन्होंने पेशा बना रखा है।
इस पर पुलिस ने गुजसीटोक की धाराओं को शामिल किया। फरार चल रहे इस गिरोह के वडोद शाीनगर निवासी कुलदीप ठाकुर, वडोद बापूनगर निवासी सतीष यादव व भेस्तान साईं पैलेस निवासी अनिकेत राजपूत उर्फ अंकित बौआ को गिरफ्तार किया।
युवक अंगुली काट कर तीन घंटे तक घुमाया था
इलाके में अपनी दहशत का दबदबा कायम करने के लिए सूरज कालिया ने दिसम्बर 2021 में विकास नाम के एक युवक की अंगुली काट दी थी। फिर उसे जबरन मोटरसाइकिल पर बिठा कर तीन घंटे तक पूरे इलाके में घुमाया था। दरअसल विकास एक युवक से बात कर रहा था। उस युवक के साथ सूरज की रंजिश थी। उसी दौरान सूरज वहां पर आया और उसने विकास को पहले टोका और फिर उस पर चाकू से हमला कर दिया था।
देहव्यापार समेत 44 से अधिक मामलों में लिप्त
इस गिरोह के पांच सदस्यों के खिलाफ पांडेसरा ही नहीं सूरत शहर व सूरत ग्रामिण पुलिस के विभिन्न थानों में छोटे बड़े 44 मामले दर्ज हो चुके है। इनमें हत्या की कोशिश, अपहरण, चोरी, लूट, अपमान, प्रताडऩा, अवैध रूप से हथियार रखने, अनैतिक देहव्यापार के मामले शामिल हैं। गिरोह के मुख्य सूत्रधार सूरज के खिलाफ तीन, गुलाबसिंह के खिलाफ दो व राज तथा अनिकेत के खिलाफ एक-एक बार पासा के तहत कार्रवाई की हो चुकी हैं।
व्यापारियों को डरा-धमका कर वसूलते थे रंगदारी
डीसीपी जोन-4 सागर बाघमार ने बताया कि क्षेत्र में शांति व व्यवस्था कायम करने के लिए इस गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करना जरुरी थी। इस गिरोह के सदस्य लगातार अपराधिक प्रवृतियों में लिप्त थे। अपराध को ही इन्होंने अपनी आजीविका का जरिया बना रखा था। पांडेसरा क्षेत्र के दुकानदारों को डरा धमका कर उनसे रंगदारी भी वसूलते थे। इनकी दहशत के चलते व्यापारी पुलिस में शिकायत करने से भी बचते थे।
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Published on:
06 Feb 2023 09:23 pm
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