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ADMISSION : इस साल डिप्लोमा इंजीनियरिंग की 34,407 सीटें नहीं भर पाएगी

स्वनिर्भर इंजीनियरिंग कॉलेज संचालकों को जिसका डर था वही हुआ। इस साल डिप्लोमा इंजीनियरिंग की 34,407 सीटें नहीं भर पाएगी। डिप्लोमा इंजीनियरिंग ने प्रवेश देने वाली एडमिशन कमिटी फॉर प्रोफेशनल कोर्सेज ACPC (एसीपीसी) ने डिप्लोमा Diploma Engineering की प्रवेश प्रक्रिया पूर्ण कर देने की घोषणा कर दी है। राज्य में राज्यभर में 28082 स्वनिर्भर और 6325 सरकारी सीटें खाली रह गई है। 28 हजार से अधिक रिक्त सीटों को भरना स्वनिर्भर संचालकों के लिए लोहे के चने चबाने समान होगा।

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ADMISSION : इस साल डिप्लोमा इंजीनियरिंग की 34,407 सीटें नहीं भर पाएगी

ADMISSION : इस साल डिप्लोमा इंजीनियरिंग की 34,407 सीटें नहीं भर पाएगी

10वीं के बाद राज्य की डिप्लोमा इंजीनियरिंग Diploma Engineering की 66 हजार से अधिक सीटों पर प्रवेश देने के लिए Admission Committee for Professional Courses एसीपीसी (ACPC) ने प्रक्रिया शुरू की थी। पिछले साल कोरोना के चलते बोर्ड ने सभी विद्यार्थियों को पास कर दिया था। तब लगा की डिप्लोमा इंजीनियरिंग Diploma Engineering की सारी सीटें भर जाएगी। लेकिन ऐसा हुआ नहीं। मास प्रमोशन के बावजूद डिप्लोमा इंजीनियरिंग Diploma Engineering में 30 हजार से अधिक सीटें रिक्त रह गई थी। इस साल प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही स्वनिर्भर संचालकों को हजारों सीटें रिक्त रहने का डर सता रहा था, जो सच साबित हो गया है।

- प्रवेश के तीन राउंड होने पर भी नहीं भर पाई सीटें:
प्रवेश समिति ने Diploma Engineering सरकारी 22,252 सीटों को भरने के लिए ऑनलाइन दो और ऑफलाइन एक राउंड आयोजित किया। फिर भी सिर्फ 15927 सीटें ही भर पाई। प्रवेश के तीन राउंड के बाद भी 6325 सीटें रिक्त पड़ी है। इसके सामने स्वनिर्भर कॉलेजों का हाल तो ओर भी अधिक बुरा नजर आ रहा है। प्रवेश के तीन राउंड के बाद भी स्वनिर्भर को 28,082 सीटें रिक्त पड़ी हुई है।
- मुख्य बेसिक ब्रांच में नहीं रही विद्यार्थियों को रुचि:
प्रवेश समिति के सदस्यों ने बताया कि इस साल विद्यार्थियों ने इंजीनियरिंग की मुख्य बेसिक ब्रांच जैसे सिविल, मैकेनिक और केमिकल में रुचि नहीं दिखाई। मुख्य बेसिक ब्रांच की जगह अप्लाइड ब्रांच में अधिक रुचि दिखाई है। इस वजह से सिविल, मैकेनिक और केमिकल जिसमें प्रवेश के लिए भीड़ उमड़ती थी। आज इनमें सीटें रिक्त पड़ी हैं। इसके अलावा रोबोटिक्स, रिन्यूएबल एनर्जी के साथ इंजीनियरिंग में शुरू की गई कई नई ब्रांचों में भी सीटें खाली पड़ी है।
- कई कॉलेजों की कई ब्रांच में किसी ने नहीं लिया प्रवेश:
प्रवेश समिति ने प्रवेश पूर्ण होने की घोषणा करने के साथ वेबसाइट पर रिक्त सीटों की सूची जारी की है। इस सूची में कई कॉलेज ऐसे भी है जिनकी कई ब्रांचों में एक भी विद्यार्थी ने प्रवेश नहीं लिया है। कई कॉलेजों में 100 से अधिक सीटें खाली है। स्वनिर्भर कॉलेजों को रिक्त सीटें भरने का जिम्मा सौंप दिया गया है। प्रवेश समय पर विद्यार्थी नहीं मिले तो अब प्रवेश पूर्ण होने के बाद विद्यार्थी मिलना काफी कठिन होगा।