
TRIPAL MURDER : हमलावरों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग
सूरत. एम्ब्रोयडरी कारखाने के मालिक कल्पेश धोलकिया, उनके पिता धनजी व पड़ोस में ही एम्ब्रोयडरी कारखाना चलाने वो मामा घनशयाम की धारदार हथियारों हमला कर निर्मम हत्या के विरोध में रविवार को सुमूलडेरी रोड स्थित किरण अस्पताल में बड़ी संख्या में अमरोली क्षेत्र के उद्यमी व पाटीदार समाज के लोग एकत्र हो गए।
लोगों ने इस घटना चिन्ता जताते हुए हमलावरों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग। उन्होंने अमरोली क्षेत्र में समाज कंटकों आतंक पर भी अंकुश लगाने की मांग की।
उन्होंने बताया कि अन्य राज्यों के श्रमिकों के साथ कई समाज कंटक भी क्षेत्र में सक्रिय है जो भोले भाले श्रमिकों को बहकाते है और उनसे अपराध करवाते हैं। कतारगाम विधानसभा क्षेत्र के विधायक वीनू मोरडिय़ा व वराछा विधायक किशोर कानाणी समेत पाटीदार समाज के विभिन्न संस्थाओं के अग्रणी भी अस्पताल पर पहुंचे।
उन्होंने इस घटना पर दुख जताया और पुलिस अधिकारियों से हमलावरों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। आलाधिकारियों व गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी से कार्रवाई का आश्वासन मिलने पर मृतकों के शवों को स्मीमेर अस्पताल ले जाया गया। जहां उनका पोस्टमार्टम किया गया। वहीं पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू की।
शहर से भागने से पहले ही हमलावरों को दबोचा
वहीं इस घटना की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीमें भी हरकत में आ गई। शुरू में लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने तक शवों का अंतिम संस्कार नहीं करने चेतावनी दी। पुलिस को पता चला कि दोनों हमलावर दीपक डाकुआ व आशीष राउत ओडीसा के मूल निवासी है तथा अमरोली कोसाड़ आवास में रहते हैं।
डीसीपी हर्षद मेहता के निर्देश पर पुलिस की एक टीम ने कोसाड़ आवास में दबिश दी। अन्य टीमें रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड समेत शहर से फरार होने के रास्तों पर पहुंच गई। टेक्निकल व ह्युमन इंटेलिजेंस की मदद से पुलिस टीम दोनों को रास्ते से ही घर दबोचा। वे अपने घर से निकल गए थे और ओडीसा भागने की फिराक में थे।
हथियार लेकर कारखाने पर लौटे और किया हमला
डीसीपी हर्षद मेहता ने बताया कि सुबह आठ बजे काम के दौरान सोने की बात को लेकर विवाद होने पर दीपक व आशीष को कल्पेश ने काम से निकाल दिया था। उन्हें अपना हिसाब करने के लिए कहा था।
इस बात की रंजिश रख दोनों उस समय तो वहां से चले गए। लेकिन कुछ ही देर बाद दोनों लौटे। उनमें से एक के पास चाकू व दूसरे के पास डंडा था। उन्होंने कल्पेश, उसके पिता व मामा पर हमला कर उनकी हत्या कर दी।
एसआईटी का गठन, सात दिन में होगी चार्ज शीट
स्थानीय उद्यमियों व पाटीदार समाज के अग्रणियों से बातचीत कर शहर पुलिस आयुक्त अजय तोमर ने इस मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया हैं। साथ ही पीडि़त परिवार को मामले की बारिकी से जांच करवा कर सात दिनों के भीतर दोषियों के खिलाफ चार्जशीटर दायर करने का भरोसा दिलाया हैं।
डीसीपी हर्षद मेहता के नेतृत्व में अमरोली थाना पुलिस व क्राइम ब्रांच पुलिसकर्मियों को मिला टीम का गठन किया गया है। टीम ने आरोपियों से पूछताछ के साथ घटनास्थल से विभिन्न तरह के साक्ष्य जुटाने की कवायद शुरू कर दी है। वहीं एक टीम सीसीटीवी भी खंगाल रही है।
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Published on:
25 Dec 2022 09:16 pm
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