
OMG :सस्ते मोबाइल रिचार्ज एप के जरिए टेम्पो चालक ने लोगों को लगाया लाखों का चूना
दिनेश एम त्रिवेदी
सूरत. मोबाइल कंपनियों के वार्षिक प्लान से करीब आधी कीमत में लोगों को रिचार्ज उपलब्ध करवाने का झांसा देकर लोगों के साथ 10.19 लाख रुपए की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। इस संबंध में तीन पीडि़तों की शिकायत पर साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी युवक बरोड़ा प्रिस्टेज भरत निवास निवासी मनीष पटेल को गिरफ्तार कर पांच दिन के रिमांड पर लिया है।
पुलिस उससे इस ठगी में शामिल अन्य आरोपियों के बारे में पूछताछ कर रही है। आरोपी मनीष मात्र नौवीं तक पढ़ा है। कुछ समय पूर्व तक वह टेम्पो चलाता था। फिर उसने 2021 में उसने पखी इंटरप्राइज नाम से अपनी फर्म शुरू की। उसने विभिन्न मोबाइल सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के 2 से 3 हजार रुपए के वार्षिक प्लान करीब आधी कीमत 1249 रुपए व 1499 रुपए में उपलब्ध करवाने की स्कीम लांच की।
सोशल मीडिया पर इसका प्रचार प्रसार किया। स्कीम के तहत वह लोगों से पूरी राशि अग्रिम लेता था। फिर हर महीनें निर्धारित प्लान का रिचार्ज करवाने का वादा करता था। इस तरह उसने सैकड़ों लोगों के रुपए एडवांस लिए। शुरू में कुछ महीनें उसने रिचार्ज किया और बाद में मासिक रिचार्ज करना बंद कर दिया। इस पर पीडि़तों ने साइबर क्राइम पुलिस थाने में लिखित शिकायत दी। जिसके आधार पर साइबर क्राइम पुलिस ने मामला दर्ज कर कार्रवाई की।
शेयर बाजार में करता था निवेश
ुपुलिस पूछताछ में मनीष ने बताया कि वह लोगों से वार्षिक प्लान के तहत एडवांस ली गई राशि को शेयर बाजार व अन्य अच्छे मुनाफे वाली प्लेटफॉर्म पर निवेश करता था। उससे होने वाली कमाई का फायदा लोगों को देकर उनका मासिक रिचार्ज करता था लेकिन निवेश में नुकसान होने पर उसका स्कीम फेल हो गई। हलांकि उसकी बाते पुलिस के गले नहीं उतर रही हैं पुलिस उससे पूछताछ में जुटी है।
मोबाइल एप बनाई थी
पुलिस ने बताया कि आरोपी मनीष ने सस्ते मोबाइल रिचार्ज की ‘बेस्ट मोबाइल रिचार्ज’ नाम से एक एप बनाई थी। जिसे उसने गूगल प्ले स्टोर पर डलवाया था। इस एप को फेसबुक, इंस्टा समेत विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रमोट कर उसने सैकड़ों लोगों को अपने जाल में फंसाया था। लोगों द्वारा जमा की गई राशि सीधे उसकी फर्म के बैंक खाते में आती थी। पुलिस उसके बैंक खाते में हुए लेनदेन को खंगाल रही है।
और भी की लोग हो सकते है शिकार
पुलिस ने बताया कि मनीष के खिलाफ कतारगाम निवासी कार्तिक वरिया ने प्राथमिकी दर्ज करवाई है। कार्तिक ने सितम्बर 2021 में अपनी आईडी से मित्रों, रिश्तेदारों के 251 मोबाइल नम्बरों 3 लाख 36 हजार 899 रुपए एडवांस दिए थे। जिसमें से उसने 71 हजार 87 रुपए का रिचार्ज करवाया था। इसी तरह से जतीन लाड़ ने अपनी आइडी से 7 लाख 53 हजार 718 रुपए व हार्दिक वाघेला ने 97 हजार 767 रुपए एडवांस दिए थे। पुलिस को आशंका हैं कि ऐसे और भी कई पीडि़त हो सकते है।
Published on:
03 Nov 2022 09:12 pm
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