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सूरत. फर्जी दस्तावेंजों के आधार पर बैंक से पीएमईजीपी योजना के तहत ऋण लेकर धोखाधड़ी करने के मामले में आरोपित दो महिला आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका सेशन कोर्ट ने नामंजूर कर दी।
वर्ष 2020 में सीआइडी क्राइम में दर्ज मामले में मारूति चौक रूचिराज अपार्टमेंट निवासी दक्षा मुकेश जेठवा और वराछा ऋषिराज अपार्टमेंट निवासी दक्षा हर्षद चावडा का नाम सामने आने के बाद सीआइडी क्राइम ने उनकी गिरफ्तार की कवायद शुरू की है। दोनों ने खुद को निर्दोष बताते हुए कोर्ट में याचिका दायर कर अग्रिम जमानत की मांग की थी। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त लोक अभियोजक किशोर डी.खैरनार ने दलीलें पेश कर याचिकाओं का विरोध किया और मामले की जांच के लिए दोनों की पुलिस हिरासत जरूरी बताया। अंतिम सुनवाई के बाद कोर्ट ने लोक अभियोजक की दलीलें और जांच अधिकारी के हलफनामे को ध्यान में रखते हुए दोनों की याचिकाएं नामंजूर कर दी। गौरतलब है कि यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की रामपुरा शाखा से आरोपियों ने षड़यंत्र रचकर फर्जी दस्तावेज के आधार पर पीएमईजीपी योजना के तहत ऋण लिया और बाद में नहीं चुकाया। धोखाधड़ी को लेकर कुल नौ आरोपियों के खिलाफ सीआइडी क्राइम थाने में शिकायत दर्ज की गई थी।
Published on:
06 Apr 2023 07:46 pm
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