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बर्थडे पार्टी में स्लो बजाने पर डीजे ऑपरेटर की जान ली

उधना थाना क्षेत्र के गणपति मोहल्ले में बुधवार देर रात डीजे स्लो बजाने पर कुछ लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर डीजे ऑपरेटर की हत्या...

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At the party party party, the DJ operator killed the play

At the party party party, the DJ operator killed the play

सूरत।उधना थाना क्षेत्र के गणपति मोहल्ले में बुधवार देर रात डीजे स्लो बजाने पर कुछ लोगों ने धारदार हथियारों से हमला कर डीजे ऑपरेटर की हत्या कर दी। इस वारदात से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उधना हरिनगर मास्टर नी चाल निवासी तिलक मनोहर मानकर (25) शादी और पार्टियों में किराए पर डीजे बजाता था। बुधवार रात उसे उधना के गणपति मोहल्ला निवासी विद्यासागर हलगर के चौदह वर्षीय पुत्र प्रसनजीत की बर्थडे पार्टी में डीजे बजाने का ऑर्डर मिला था।

तिलक ने अपने दो सहयोगियों के साथ रात को घर के सामने पार्टी शुरू हो पर डीजे बजाना शुरू किया। रात दस बजे बाद उसने डीजे साउंड थोडा स्लो कर दिया। सोनू नाम के एक युवक ने साउंड बढ़ाने के लिए कहा। इसको लेकर सोनू और उसके साथियों के साथ उसका विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि उन्होंने धारदार हथियार से उस पर हमला कर दिया। सीने, पेट और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरे घाव लगने से वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा। इस घटना से पार्टी में हडक़ंप मच गया। पार्टी में शामिल दर्जनों लोग और हमलावर वहां से भाग निकले। तिलक को उसके साथी न्यू सिविल अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। खबर मिलने पर उधना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन वहां जो लोग मिले, उनसे घटना के बारे में कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई।

प्राथमिक पूछताछ में पुलिस को तिलक और सोनू के बीच साउंड को लेकर विवाद की जानकारी मिली। घटना के संंबंध में तिलक के भाई दीपक ने प्राथमिकी दर्ज करवाई है। तिलक मध्यप्रदेश के खरगोन का मूल निवासी था। सोनू और उसके साथियों की खोज शुरू कर दी गई है।

30 मई तक नहीं लिया तो प्रवेश रद्द

आरटीइ को लेकर अभिभावक दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तरफ स्कूल प्रवेश देने को तैयार नहीं हैं, दूसरी तरफ शिक्षा विभाग ने आदेश जारी किया है कि 30 मई तक प्रवेश नहीं लिया गया तो प्रवेश को रद्द कर दिया जाएगा।

गरीब और मध्यम वर्ग के विद्यार्थी निजी स्कूलों में शिक्षा पा सकें, इसलिए आरटीइ एक्ट लागू किया गया है, लेकिन कई निजी स्कूल इस एक्ट का पालन नहीं कर रहे हैं। आरटीइ प्रवेश के लिए चुने गए विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इस बारे में कई अभिभावकों ने जिला शिक्षा अधिकारी से शिकायत की है। अभिभावकों की इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है और शिक्षा विभाग के नए आदेश ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। प्रथम चरण में आरटीइ प्रवेश के लिए चुने गए विद्यार्थियों को 30 मई तक प्रवेश निश्चित करने का आदेश जारी किया गया है।

पहले चुने गए विद्यार्थियों को स्कूलों में प्रमाणपत्र प्रस्तुत कर 26 मई तक प्रवेश लेने का निर्देश दिया गया था। यह समय सीमा बढ़ाकर 30 मई कर दी गई है। 30 मई तक प्रवेश नहीं लेने पर प्रवेश रद्द करने की चेतावनी दी गई है। इस आदेश ने अभिभावकों को उलझन में डाल दिया है। शहर के कई स्कूलों ने आरटीइ के बच्चों को प्रवेश देने से साफ मना कर दिया है। अभिभावक प्रवेश के लिए स्कूल पहुंच रहे हैं, लेकिन संचालक प्रवेश देने में बहाना बना रहे हैं।

कलक्टर को ज्ञापन

नगर प्राथमिक शिक्षा समिति के सदस्य सुरेश सुहागिया ने गुरुवार को कलक्टर को ज्ञापन सौंपा। इसमें अल्पसंख्यक स्कूलों को भी आरटीइ के दायरे में लेने की मांग की गई है।

अल्पसंख्यक स्कूलों को देना होगा प्रमाणपत्र

आरटीइ प्रवेश को लेकर नया विवाद सामने आया है। कई स्कूलों ने अल्पसंख्यक स्कूल होने का बहाना बनाकर आरटीइ प्रवेश के लिए चुने गए विद्यार्थियों को प्रवेश देने से मना कर दिया है। सूरत शहर और जिले में ऐसे कई स्कूलों की शिकायत जिला शिक्षा अधिकारी से की गई। शिक्षा विभाग ने इस मामले में अल्पसंख्यक स्कूलों के लिए एक आदेश जारी किया है। इसमें ऐसे स्कूलों से अल्पसंख्यक स्कूल होने का प्रमाणपत्र पेश करने को कहा गया है। आदेश का पालन नहीं करने पर स्कूल की मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी गई है।