21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बान्द्रा-गोरखपुर अंत्योदय ट्रेन फर्रुखाबाद ठहरेगी

पश्चिम रेलवे ने बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस को १९ फरवरी से फर्रुखाबाद स्टेशन पर छह महीने के लिए अतिरिक्त ठहराव दिया है। 22921 बांद्रा...

2 min read
Google source verification
Bandra-Gorakhpur Anthoday train will be Farrukhabad

Bandra-Gorakhpur Anthoday train will be Farrukhabad

सूरत।पश्चिम रेलवे ने बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस को १९ फरवरी से फर्रुखाबाद स्टेशन पर छह महीने के लिए अतिरिक्त ठहराव दिया है। 22921 बांद्रा टर्मिनस-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस सुबह 4.50 बजे फर्रुखाबाद स्टेशन पहुंचेगी तथा 5 मिनट ठहराव के बाद 4.55 बजे रवाना होगी।

वापसी में 22922 गोरखपुर-बांद्रा टर्मिनस अंत्योदय दोपहर ३.13 बजे फर्रुखाबाद पहुंचेगी तथा 5 मिनट ठहराव के बाद ३.18 बजे रवाना होगी। हाल ही पश्चिम रेलवे की वडोदरा-वाराणसी महामना एक्सप्रेस तथा बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर अंत्योदय एक्सप्रेस को नंदुरबार तथा वापी स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव दिया गया है। साथ ही बान्द्रा टर्मिनस-गोरखपुर एक्सप्रेस को बलरामपुर, मुम्बई-जयपुर गणगौर एक्सप्रेस को वापी, सूरत-जामनगर इंटरसिटी एक्सप्रेस को जामवनथली, तिरुनेलवेली-जामनगर एक्सप्रेस को बोईसर, कोच्चुवेली-देहरादून एक्सप्रेस और कोच्चुवेली-पोरबंदर एक्सप्रेस को पालघर, बान्द्रा टर्मिनस-झांसी एक्सप्रेस को भरुच स्टेशन पर अतिरिक्त ठहराव दिया गया है।

सैर-सपाटा करने वालों की सूची में इस बार कश्मीर का नाम नहीं

कश्मीर में आतंकवाद को लेकर सूरत से सैर-सपाटे के लिए वहां जाने वालों की संख्या पहले से कम थी, पुलवामा हमले के बाद फिलहाल सूरती कश्मीर की सैर के मूड में नहीं हैं। समर वेकेशन के लिए पर्यटन स्थलों की टूर बुङ्क्षकग शुरू हो गई है। कश्मीर के लिए अब तक एक भी बुङ्क्षकग नहीं हुई है।

जम्मू-कश्मीर प्राकृतिक सौंदर्य, प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों, महलों, उद्यानों और किलों के लिए प्रसिद्ध है। हर साल हजारों सूरती कश्मीर की सैर करने जाते थे, लेकिन कश्मीर में बढ़ रहे आतंकवादी हमलों के कारण लोग वहां जाने से परहेज करने लगे हैं। मार्च-अप्रेल की परीक्षाएं पूर्ण होते ही सूरती समर वेकेशन पर जाएंगे।

इसके लिए टूर-ट्रैवलर्स ने बुकिंग शुरू कर दी है। कश्मीर के लिए अब तक एक भी बुङ्क्षकग नहीं हुई है। टूर-ट्रैवलर्स वालों का कहना है कि पहले सूरती बड़े ग्रुप में कश्मीर घूमने जाते थे। गर्मियों की छुट्टियों में कश्मीर पहली पसंद हुआ करता था। वर्ष 2016 में उरी के आतंकी हमले के बाद अचानक यहां से कश्मीर जाने वालों की संख्या घटने लगी।

पुलवामा में हाल के आतंकी हमले ने रही-सही कसर पूरी कर दी।
अब लेह लद्दाख की ओर हुआ घुमाव कश्मीर की जगह अब सैर-सपाटा प्रेमी सूरतीयों का घुमाव लेह-लद्दाख की ओर है। समर वेकेशन के लिए इस बार लेह-लद्दाख, हिमाचल और उत्तराखंड की बुकिंग ज्यादा हो रही है।

नहीं करेंगे बुङ्क्षकग

शहर के कई टूर-ट्रैवलर्स वालों ने इस बार कश्मीर की बुङ्क्षकग नहीं करने का फैसला किया है। उनका कहना है कि कश्मीर के लिए फिलहाल बुकिंग नहीं मिल रही है, फिर भी हमने तय किया है कि इस बार कश्मीर के लिए कोई बुङ्क्षकग नहीं की जाएगी। टूर-ट्रैवलर्स के मुताबिक 2012 से 2015 तक सूरत से 10 से 15 हजार लोग कश्मीर घूमने जाते थे, लेकिन बाद में यह आंकड़ा घट कर 4 से 5 हजार पर आ गया। अब तो साल में कश्मीर के लिए सूरत से हजार लोग भी मुश्किल से मिलते हैं।