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बान्द्रा-रामनगर एक्सप्रेस के डिब्बे दो बार ट्रेन से अलग हुए, लोकल ट्रेनें प्रभावित

- कपलिंग जोडऩे के बाद फिर से डिब्बे अलग हुए, रेलवे ने दोनों डिब्बे अलग कर ट्रेन को रवाना किया

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बान्द्रा-रामनगर एक्सप्रेस के डिब्बे दो बार ट्रेन से अलग हुए, लोकल ट्रेनें प्रभावित

बान्द्रा-रामनगर एक्सप्रेस के डिब्बे दो बार ट्रेन से अलग हुए, लोकल ट्रेनें प्रभावित

सूरत.

पश्चिम रेलवे के मुम्बई रेल मंडल में बान्द्रा टर्मिनस-रामनगर एक्सप्रेस के दो खाली डिब्बे गुरुवार सुबह ट्रेन से अलग हो गए। ट्रेन के कर्मचारियों ने कपलिंग जोडक़र ट्रेन को रवाना किया, लेकिन कुछ दूरी पर फिर से कपलिंग टूट गया और ट्रेन के डिब्बे अलग हो गए। इसके बाद रेलवे ने दोनों डिब्बों को ट्रेन से अलग कर बान्द्रा-रामनगर एक्सप्रेस को रवाना किया गया। इस घटना के कारण मुम्बई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनें प्रभावित हुई।

रेलवे सूत्रों के अनुसार 09075 बान्द्रा टर्मिनस-रामनगर एक्सप्रेस बान्द्रा से सुबह 5.10 बजे रवाना हुई थी। ट्रेन का अगला स्टॉपेज बोरिवली स्टेशन पर 5.30 बजे का था। लेकिन उसके पहले जोगेश्वरी स्टेशन के करीब बान्द्रा-रामनगर एक्सप्रेस गुजर रही थी, तभी ट्रेन के पीछे जुड़े दो खाली डिब्बे कपलिंग में तकनीकी खामी के चलते ट्रेन से अलग हो गए। यह ट्रेन 18 एलएचबी कोचों के साथ चल रही थी।

इस घटना में रेलवे के तकनीकी कर्मचारी घटनास्थल पहुंचा और 6.20 बजे कोच को ट्रेन से जोड़ा और 6.40 बजे रवाना किया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही करीब 7.15 बजे नायगांव और वसई रोड रेलवे स्टेशन के बीच फिर से ट्रेन में जुड़े वहीं दो खाली (एमटी) डिब्बे अलग हो गए। बाद में रेलवे ने ट्रेन से उन दोनों डिब्बों को अलग करके 16 डिब्बों के साथ रवाना किया। ट्रेन से अलग हुए दोनों डिब्बों को लोकोमोटिव इंजन से 8.40 बजे ट्रैक से हटाया गया।

घटना के कारण वेस्टर्न मुम्बई की लाइफलाइन लोकल ट्रेनें भी प्रभावित हुई है। लोकल ट्रेनें दस से पन्द्रह मिनट की देरी से चली। दो बार डिब्बों के अलग होने की घटना की जांच के लिए आदेश दे दिए गए हैं। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि बड़ा हादसा टल गया। इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों को घटना की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है।


ट्रेन से अलग हुए डिब्बे में यात्री नहीं थे

बान्द्रा-रामनगर एक्सप्रेस से अलग हुए डिब्बों में कोई यात्री नहीं था। ट्रेन की गति 30 किमी प्रति घंटे थी। इसलिए दुर्घटना का जोखिम कम से कम था। जांच के निर्देश दिए गए हैं।

- सुमित ठाकुर, सीपीआरओ, पश्चिम रेलवे, मुम्बई।