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बेंगलुरू-सूरत फ्लाइट ने 40 मिनट आसमान में चक्कर काटे

शहर में भारी बारिश के कारण रविवार शाम 4 से 5 बजे के बीच अंधेरा छा गया। इसके चलते सूरत एयरपोर्ट पर उतरने वाली विमानों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। बारिश और अंधेरे के बीच विमान चालकों के लिए विजिबिलिटी का संकट खड़ा हो गया। बेंगलुरू से सूरत आने वाली फ्लाइट करीब 40 मिनट तक आसमान में चक्कर लगाने के बाद अहमदाबाद डायवर्ट की गई है।

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बेंगलुरू-सूरत फ्लाइट ने 40 मिनट आसमान में चक्कर काटे

बेंगलुरू-सूरत फ्लाइट ने 40 मिनट आसमान में चक्कर काटे

सूरत एयरपोर्ट पर बारिश और अंधेरा छाने के कारण विमानों की लैंडिंग अटक गई। सूरत एयरपोर्ट पर उतरने वाली एयर एशिया की बेंगलुरू से सूरत फ्लाइट शाम 4.14 बजे से 4.54 बजे तक आसमान में चक्कर काटती रही। काफी समय बीतने के बाद भी विमान को उतरने के लिए सही वातावरण नहीं मिल सका। अधिकारियों का कहना है कि लैंडिंग की इजाजत नहीं मिल सकी, क्योंकि विजिबिलिटी घटकर 100 मीटर के आसपास पहुंच गई थी। जबकि विमान को उतरने के लिए कम से कम 800 मीटर तक विजिबिलिटी जरूरी होती है।

इसके अलावा विमान के लिए लैंडिंग में मददगार सिंपल अप्रोच लाइटिंग सिस्टम भी उपलब्ध नहीं है। इससे एयर एशिया की बेंगलुरू फ्लाइट सूरत एयरपोर्ट पर नहीं उतर सकी। बाद में इसे शाम 4.55 बजे अहमदाबाद डाइवर्ट करने का निर्णय किया गया। इस तरह से यह फ्लाइट कुल 40 मिनट तक आसमान में चक्कर काटते देखी गई। इसके अलावा स्पाइस जेट की पुणे फ्लाइट को रद्द करने का निर्णय किया गया। शाम 6 बजे विजिबिलिटी में सुधार हुआ और यह 1000 मीटर पहुंची। उसके बाद डायवर्टेड विमानों को फिर से सूरत आने की क्लीयरेंस दी गई। अहमदाबाद से एयर एशिया की फ्लाइट सूरत रात 8.20 बजे पहुंची। इसके बाद सूरत से बेंगलुरू की फ्लाइट को रिशिड्यूल करते हुए देर रात 12.30 बजे चलाई गई।

गौरतलब है कि सूरत एयरपोर्ट के रन-वे पर सिम्पल अप्रोच लाइटिंग सिस्टम लगी हुई है। इससे विजिबिलिटी 1000 से कम होने पर विमानों की लैंडिंग नहीं हो सकती और ऐसे में विमानों को डायवर्ट करना पड़ता है। सूरत कस्टम एयरपोर्ट के शहर के अंतिम और डुमस के अंतिम छोर पर विमानों की लैंडिंग में मददगार मानी जाने वाली एडवांस कैटेगरी वन अप्रोच लाइटिंग लगाने का प्रस्ताव पहले से ही तैयार है, लेकिन इसके लिए 39 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है, जिसका समाधान नहीं हो पा रहा है।