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SURAT VIDEO NEWS : राहगिरों से मोबाइल चुराने और उन्हें बेचने के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश

- 71 मोबाइल फोन बरामद कर पुलिस ने दो स्नैचरों को किया गिरफ्तार - डिंडोली कंजरवाड से ऑपरेट हो रहा था मोबाइल चोरी का नेटवर्क

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सूरत. राहगिरों से मोबाइल चुरा कर उन्हें औने-पौने दामों में बेचने का एक बड़े नेटवर्क का डिंडोली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने डिंडोली कंजरवाड से ऑपरेट हो रही मोबाइल चोरी के इस रैकेट से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक स्कूटर व चोरी के 71 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।

डीसीपी जोन-2 भगीरथ गढ़वी ने बताया कि डिंडोली शिवहीरानगर निवासी मेंहुल गोहिल व डिंडोली जलारामनगर निवासी जीतू सोनकर को गिरफ्तार किया गया हैं। दोनों पिछले कुछ समय से डिंडोली समेत शहर के विभिन्न इलाकों में सक्रिय थे। वे स्कूटर पर सुबह व शाम के समय निकलते थे। मोबाइल फोन पर बात करते हुए गुजरने वाले राहगिरों को निशाना बनाते थे।

मेंहुल स्कूटर चलाता था और पीछे बैठा जीतू मौका देख कर राहगिर से मोबाइल छीन लेता था। काम होने के बाद दोनों फरार हो जाते थे। सर्वेलंस स्टॉप के पुलिस उप निरीक्षक हरपालसिंह मसाणी की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दोनों चोरी के मोबाइल फोन बेचने के लिए इरादे से भीमनगर रेलवे अंडरब्रिज के पास आने वाले है।

सूचना की तस्दीक कर पुलिस टीम के हेड कांस्टेबल मिलिंद, दीपक व जयदेव ने उन्हें पकड़ा। उनके कब्जे से चोरी के अलग-अलग ब्रांड के कुल 57 मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस ने उनके स्कूटर समेत मोबाइल फोन जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी जीतू इससे पूर्व डिंडोली, उधना व पांडेसरा में सात मामलों में पकड़ा जा चुका है। वहीं मेंहुल भी डिंडोली थाने में एक मामला भी पकड़ा चुका है।

कंजरवाड में महिलाएं बेचती थी चुराए गए मोबाइल

मेंहुल व जीतू पुलिस पूछताछ में बताया कि बरामद मोबाइल फोन उन्होंने पिछले करीब एक माह में चुराए थे। वे राहगिरों से छीने गए मोबाइल फोन डिंडोली कंजरवाड़ में अस्थाई रूप से रहने वाली राजस्थान मूल की राजनट महिलाओं को देते थे। वे महिलाएं बिना बिल के सस्ते दामों में श्रमिकों व अन्य लोगों को मोबाइल बेच देती थी। जिसमें से कुछ हिस्सा वे खुद रखती थी और बाकी उन्हें देती थी। गौरतलब है कि कंजरवाड में चोरी के मोबाइल फोन बिक्री का मामला नया नहीं हैं।

रेलवे पटरी से सटे कंजरवाड के आसपास बड़ी संख्या में श्रमिक बस्तियां है। यहां प्रतिदिन सुबह मजदूरी की तलाश में आने वाले श्रमिकों का मेला लगता है। सुबह मुंह अधेरे ही श्रमिक एकत्र होना शुरू कर देते है और सुबह नौ बजे तक रहते है। नौ बजे के बाद पूरा इलाका वीरान हो जाता है।

उसी समय महिलाएं व मोबाइल स्नैचर इन श्रमिकों को मोबाइल कहीं रास्ते में मिला होने की बात बता कर सस्ते में बेच देते हैं। इससे पहले भी यहां चोरी के मोबाइल फोन बेचने के मामले सामने आ चुके हैं। क्राइम ब्रांच ने एक बार बड़ी कार्रवाई कर चोरी के 50 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए थे।

एक अन्य महिला के पास मिले 14 मोबाइल

मेंहुल व जीतू से पूछताछ के बाद पुलिस उप निरीक्षक मसाणी की टीम ने कंजरवाड में छापा मारा। वहां कार्रवाई में पुलिस को वे महिलाएं तो नहीं मिली जिन्हें दोनों आरोपी चोरी के मोबाइल फोन बेचने के लिए देते थे। पुलिस को एक अन्य महिला के पास बिना बिल के 14 मोबाइल फोन बरामद हुए। जिन्हें पुलिस ने जब्त कर लिया। उन मोबाइल फोन के संबंध में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं होने के कारण यह पता नहीं चल पाया कि वे कहां से चुराए गए थे। पुलिस ने सीआरपीसी 104 के तहत महिला पर कार्रवाई की है।

मोबाइल चोरी की सिर्फ सात मामले दर्ज

बरामद किए गए कुल 71 मोबाइल फोन मेेंं से सिर्फ सात मोबाइल चोरी को लेकर डिंडोली प्राथमिकी दर्ज हुई हैं। शेष 64 मोबाइल फोन की चोरी को लेकर कोई शिकायत नहीं मिली हैं। डिंडोली पुलिस का कहना है कि मोबाइल आइएमइआइ नम्बरों के आधार पर अन्य थानों में दर्ज शिकायतों व मोबाइल फोन के मालिकों का पता लगाने की कोशिश जारी हैं।