
दलालों के जरिए बेचे गए बिटकॉइन
सूरत. दो लोगों का अपहरण कर करोड़ों रुपए के बिटकॉइन जबरन ट्रांफसर करवाने के मामले में सीआइडी क्राइम की सूरत यूनिट में अभियुक्त शैलेष भट्ट तथा अन्य अभियुक्तों के खिलाफ दर्ज मामले की जांच में नई-नई परतें खुल रही हैं। गुरुवार को शैलेष भट्ट के ड्राइवर उमेश गोस्वामी तथा जिज्ञेश मोरडीया और मनोज कयाडा की गिरफ्तारी के बाद खुलासा हुआ कि उन्होंने अपने-अपने हिस्से के बिटकॉइन दलालों के जरिए बेच दिए थे। शुक्रवार को तीनों को सूरत की चीफ ज्युडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश करने पर 8 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।
सूरत के बिल्डर शैलेष भट्ट ने उसका अपहरण कर जबरन बिटकॉइन हथियाने का आरोप लगाते हुए अहमदाबाद सीआइडी क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज करवाई थी। इस मामले में सीआइडी क्राइम ने गुजरात पुलिस के एक अधिकारी समेत कई अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पूरे मामले में उस समय नया मोड़ आया, जब सीआइडी क्राइम की सूरत यूनिट ने शैलेष भट्ट समेत नौ जनों के खिलाफ अपहरण और जबरन बिटकॉइन हथियाने की शिकायत दर्ज कर शैलेेष भट्ट के भांजे निकुंज भट्ट और दिलीप कानाणी को गिरफ्तार कर लिया। आरोप के मुताबिक शैलेष भट्ट ने साथियों के साथ मिलकर पीयूष सवालिया और धवल मावाणी का अपहरण कर उनसे 2256 बिटकॉइन जबरन ट्रांसफर करवा लिए। दोनों की गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को सीआईडी क्राइम ने जिज्ञेश मोरड़ीया, मनोज कयाडा और उमेश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को तीनों को कोर्ट में पेश कर जांच अधिकारी ने 19 मुद्दे पेश करते हुए अभियुक्तों की 14 दिन की पुलिस हिरासत की मांग की। सुनवाई के दौरान बताया गया कि अभियुक्तों से प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि पीयूष सावलिया और धवल मावाणी के अपहरण के बाद जबरन ट्रांसफर करवाए बिटकॉइन बांट लिए गए थे। अपने-अपने वॉलेट में ट्रांसफर करने के बाद उन्होंने इन्हें दलालों के जरिए बेच दिया। यह दलाल कौन हैं, बिटकॉइन किसे बेचे गए तथा बिटकॉइन बेचने के बाद पेमेंट कैसे लिया गया, इसकी जांच जारूरी है। दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने तीनों का सात दिन का रिमांड मंजूर कर उन्हें 8 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया।
जमीन में भी निवेश
अभियुक्तों से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि उन्होंने पीयूष सावलिया और धवल मावाणी से जबरन बिटकॉइन हथियाने के बाद बेच दिए तथा इससे मिले रुपए जमीन में भी निवेश किए हैं। किस जगह जमीन में कितना निवेश किया गया, पुलिस इसकी जांच कर रही है।
पुलिस कार्रवाई में डाला विघ्न
जांच अधिकारी पी.जी.नरवाडे ने बताया कि बिटकॉइन मामले की जांच के दौरान अभियुक्तों से मुद्दा माल के तौर पर बिटकॉइन बरामद किए जा रहे हैं। इन्हें ट्रांसफर करने के लिए सीआइडी क्राइम ने अलग से वॉलेट बनाया है। उन्होंने बताया कि जब वह अपने अकाउंट में बिटाकॉइन ट्रांसफर कर रहे थे तो निकुंज और दिलीप ने उसमें विघ्न पैदा करने का प्रयास किया। फिलहाल दोनों न्यायिक हिरासत में हैं। शुक्रवार को जांच अधिकारी ने कोर्ट में रिमांड याचिका पेश कर दोनों का दोबारा रिमांड मंजूर करने की मांग की। कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई शनिवार तक लंबित रखी है।
Published on:
01 Jun 2018 10:35 pm
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