16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Surat/ ई-बाइक की बैटरी में ब्लास्ट, एक गंभीर रूप से झुलसा

किराने की दुकान में चार्जिंग के लिए रखी थी बैटरी, तीन जने घायल

2 min read
Google source verification
Surat/ ई-बाइक की बैटरी में ब्लास्ट, एक गंभीर रूप से झुलसा

Surat/ ई-बाइक की बैटरी में ब्लास्ट, एक गंभीर रूप से झुलसा

सूरत. अब तक मोबाइल फोन की बैटरी में ब्लास्ट की खबरें सामने आती रही थीं, लेकिन सूरत में शनिवार को ई-बाइक की बैटरी चार्जिंग करते समय फट गई। ब्लास्ट के कारण दुकान का सामान जलने के साथ ही एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं, तीन जने सामान्य रूप से घायल हो गए। झुलसे व्यक्ति को उपचार के लिए न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है।

न्यू सिविल अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार हादसा शनिवार दोपहर एक बजे सचिन के महालक्ष्मी नगर में हुआ। यहां रहने वाले महेश बिंद घर के अगले हिस्से में किराना दुकान चलाते हैं। शनिवार दोपहर उन्होंने अपनी ई-बाइक की बैटरी दुकान में चार्जिंग के लिए रखी थी और परिवार के सभी सदस्य खाना खा रहे थे। तभी अचनाक बैटरी में ब्लास्ट हो गया। बम फटने जैसी आवाज हुई और अफरा-तफरी मच गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि दुकान का सारा सामान जलने के साथ ही जयलाल बिंद गंभीर रूप से झुलस गया। वहीं अन्य तीन जने सामान्य रूप से घायल हो गए। जयलाल को उपचार के लिए न्यू सिविल अस्पताल में भर्ती किया गया है।

वीजा और नौकरी दिलाने के बहाने 1.39 लाख की ठगी


सूरत. विदेश जाने के लिए वीजा और नौकरी दिलाने के बहाने जहांगीरपुरा क्षेत्र के एक व्यक्ति के साथ 1.39 लाख रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति की शिकायत पर पुलिस ने ठग युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक जहांगीरपुरा की रंगारंग रेजीडेंसी निवासी जयकर जगदीश व्यास ने दर्ज करवाई शिकायत के मुताबिक वे ओमान की एक फूड कंपनी में नौकरी करते थे। पिता की बीमारी के कारण ओमान से लौटने के बाद नौकरी की तलाश थी। उन्होंने अपना बायोडाटा अलग-अलग वेबसाइट पर अपलोड किया था। इस दौरान उन्हें कश्यम राजेंद्र पटेल नाम के व्यक्ति का संपर्क किया और विदेश का वीजा और नौकरी दिलवाने की बात कही। इसी बहाने उस युवक ने टुकड़ों - टुकड़ों में 1.39 लाख रुपए ले लिए। बाद में न तो वीजा और नौकरी दिलवाई न रुपए लौटाए।