
ब्रह्मभट्ट ने आधे घंटे में खाली कर दिया सरकारी बंगला !
सूरत. नेताओं और सरकारी कर्मचारियों का अपने सरकारी आवास से लगाव छिपा नहीं हैं। स्थानान्तरित या सेवा मुक्त होने पर वे आसानी से अपना आवास खाली नहीं करते हैं। ऐसे किस्से अक्सर सामने आते रहते हैं, लेकिन सूरत में नियुक्ति के समय तीन दिन में सरकारी आवास खाली करने की बात करने वाले पूर्व पुलिस आयुक्त राजेन्द्र ब्रह्मभट्ट ने सोमवार को महज आधे धंटे भी सरकारी बंगला खाली कर दिया।
सुबह ग्यारह बजे उन्होंने अहमदाबाद से सूरत स्थानान्तरित होकर आए नए पुलिस आयुक्त अजय तोमर को कार्यभार का हस्तान्तरण किया। साढ़े ग्यारह बजे वे कार्यालय के निकट ही स्थित अपने सरकारी आवास पर आए और बारह बजे अपना सामान पैक कर निजी वाहन में मेहसाणा जिले में अपने मूल निवास के लिए रवाना हो गए। वैसे तो यह सब आम हैं लेकिन ब्रह्मभट्ट के मामले में कुछ खास हैं।
क्योंकि पिछले साल अक्टूबर में पूर्व पुलिस आयुक्त सतीष शर्मा के सेवानिवृत होने के बाद जब सूरत पुलिस आयुक्त के तौर पर नियुक्ति हुई थी तो उन्हें सरकारी आवास हासिल करने में दो महीने से भी अधिक समय लग गया था। शर्मा ने सरकारी बंगला खाली नहीं किया था और शर्मा उनसे सीनीयर होने के कारण शुरू में उन्होंने कई बार विनंती की। तब तक उन्हें ओएनजीसी के गेस्ट हाउस में रहना पड़ा। फिर एक दिन वे बंगले पर पहुंचे और जोर देकर शर्मा को शाम तक बंगला खाली करने के लिए कह दिया। रात तक शर्मा ने बंगला खाली भी कर दिया था। उस दौरान उन्होंने कहा था कि वे अपना स्थानान्तरण होने पर सरकारी आवास खाली करने में तीन से अधिक समय नहीं लेते है।
वडोदरा स्थानान्तरित होने पर सोमवार को उन्होंने ऐसा कर भी दिया। यहां उल्लेखनीय है समय पर सरकारी आवास नहीं छोडऩे की समस्या सरकारी कर्मचारियों तक समित नहीं, कई नेताओं के भी किस्से सामने आ चुके हैं। वहीं एक पहलू यह भी हैं कि जिन सरकारी कर्मचारियों को अन्य कोई स्थाई आवास नहीं होता हैं कि कई बार उन्हें साथ रह रहे परिवार को शिफ्ट करने में थोड़ा बहुत समय लग जाता हैं।
Published on:
04 Aug 2020 08:48 pm
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