
सूरत. मनपा प्रशासन इन दिनों जनरल एडवांस को पाटने की कवायद में व्यस्त है। आयुक्त एम. थेन्नारसन ने अधिकारियों को बुधवार तक इसे क्लीयर करने की हिदायत दी थी। मंगलवार को हुई बैठक में भी आयुक्त ने जनरल एडवांस की हालत की विभागवार समीक्षा की। आयुक्त ने जनरल एडवांस के लिए नई डैडलाइन तय करते हुए अधिकारियों को शनिवार तक का समय दिया है।
मनपा के रोजमर्रा के कामकाज में कई ऐसे खर्च होते हैं, जिन्हें मंजूरी की प्रत्याशा में जनरल एडवांस में डाल दिया जाता है। जैसे-जैसे उनका क्लीयरेंस मिलता है, हैड चेंज कर मूल खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता है। फिलहाल करीब तीन सौ करोड़ रुपए जनरल एडवांस में पड़े हैं। वित्त वर्ष पूरा होने से पहले उनकी क्लीयरेंस जरूरी है। इनमें सबसे बड़ी राशि करीब ११० करोड़ रुपए बीआरटीएस की है। आयुक्त ने पिछली बैठक में अधिकारियों को 28 फरवरी तक की डैडलाइन देते हुए जनरल एडवांस क्लीयर करने की हिदायत दी थी।
मंगलवार को हुई बैठक में उन्होंने विभागवार समीक्षा करते हुए जनरल एडवांस की हालत समझी। आयुक्त ने साफ किया कि सड़कों पर डामर के खर्च के अलावा बाकी जो खर्च जनरल एडवांस में है, उसे समय पर पूरा हो जाना चाहिए। जनरल एडवांस की मौजूदा हालत को देखते हुए आयुक्त ने इसकी क्लीयरेंस के लिए नई डैडलाइन तय की है। अब अधिकारियों को शनिवार तक इसे हर हाल में पूरा करना होगा।
कैपिटल खर्च दो सौ करोड़
कैपिटल खर्च के मद में मनपा प्रशासन ने विभिन्न प्रोजेक्ट्स पर अब तक करीब ११ सौ करोड़ रुपए खर्च किए हैं। माना जा रहा है कि करीब तीन सौ करोड़ रुपए के जनरल एडवांस में करीब दो सौ करोड़ रुपया कैपिटल खर्च का है। यानी अब तक मनपा करीब १३ सौ करोड़ रुपए के कैपिटल काम करा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि वित्त वर्ष पूरा होने तक कैपिटल खर्च का आंकड़ा दो हजार करोड़ रुपए के आसपास पहुंच जाएगा।

Published on:
28 Feb 2018 11:57 am
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