
वापी. चणोद ग्राम पंचायत में बुधवार को आयोजित विशेष सभा में करीब तीन करोड़ रुपए के बजट को मंजूरी दी गई है। इसमें करीब दो करोड़ पंचायत का फंड और एक करोड़ 14वें वित्त वर्ष की ग्रान्ट शामिल है।
सभा के दौरान गांव में लाइट, पानी, गटर, पेवर ब्लाक के रास्ते समेत जरुरी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्ध कराने पर भी चर्चा कर मंजूरी दी गई है। ग्राम पंचायत के सरपंच जीतू माह्यावंशी ने कहा कि आगामी दिनों तक गांव में पीने के पानी की किल्लत दूर कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि आराधना नगर, बिहार नगर, साईं नगर, मोहन नगर और हनुमान टेकरी समेत कई विस्तारों में प्राथमिकता के तौर पर पानी की आपूर्ति शुरु कर दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि कई महिलाएं अपने विस्तार में पानी की समस्या को लेकर शिकायत करने भी पहुंची थी। सरपंच ने बताया कि ग्राम पंचायत भवन के लिए सर्वे नंबर 270 वाली जमीन आवंटित करने का अनुरोध किया गया है। इसके अलावा आरोग्य केन्द्र बनाने के लिए भी जमीन की मांग की गई है। उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत भवन में जगह न होने के कारण बैठक खुले में बाहर करनी पड़ी थी। सभा में 20 में से 17 पंचायत सदस्य उपस्थित रहे।
छीरी पंचायत में बढ़ा जल संकट
जीआईडीसी से सटे छीरी विस्तार में कुछ दिनों से पानी की समस्या से लोगों को दो चार होना पड़ रहा है। यहां पाइप से जलापूर्ति की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। भूजल नीचे चले जाने से बोरिंगों में पानी नहीं आ रहा है। जिन बोरिंगों में पानी आ रहा है वह भी लाल और पीले रंग का जिसे उपयोग मे ंनही लिया जा सकता। फलस्वरुप छीरी पंचायत ने जीआईडीसी के अधिकारियों से छीरी में पाइप लाइन से पर्याप्त जलापूर्ति की मांग की है।
छीरी सरपंचपति नुरुद्दीन चौधरी ने बताया कि 2001 की जनगणना के अनुसार छीरी पंचायत में सात लाख 35 हजार पानी देना मंजूर किया गया था। उस दौरान छीरी में करीब 19 हजार लोगों की आबादी बताई गई थी। जीआईडीसी द्वारा पंचायत विस्तार में सिर्फ पांच लाख लीटर ही पानी दिया जा रहा है। जबकि 17 साल में यहां आबादी बहुत बढ़ गई है। सरपंच का दावा है कि करीब एक लाख लोग छीरी पंचायत में है। जिनके लिए पंचायत ने 20 लाख लीटर पानी देने की मांग की है। नुरुद्दीन चौधरी ने बताया कि इस संबंध में विधायक कनु देसाई ने भी आश्वासन दिया है। जीआईडीसी अधिकारियों ने भी इस संबंध मे उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ दिनों से सबसे ज्यादा पानी की किल्लत बिल्डिगों रहने वालों को हो रही है। भूजल नीचे चले जाने से ज्यादातर बोरिंगों में पानी नहीं आ रहा है। जहां आ रहा है वह भी कुछ समय के बाद पानी छोड़ दे रहा है। आए दिन पंचायत कार्यालय पर लोग पानी की समस्या के लिए पहुंचे रहते हैं।

Published on:
28 Feb 2018 07:54 pm
बड़ी खबरें
View Allसूरत
गुजरात
ट्रेंडिंग
