31 अक्टूबर 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कपड़ा बाजार में अपेक्षा से कमजोर व्यापार, निराश व्यापारी

अब बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

सूरत

•

image

Pradeep Devmani Mishra

•

Updated: 17 Feb 2020, 8:09 PM IST

कपड़ा बाजार में अपेक्षा से कमजोर व्यापार, निराश व्यापारी

कपड़ा बाजार में अपेक्षा से कमजोर व्यापार, निराश व्यापारी

सूरत
लग्नसरा की सीजन के बावजूद कपड़ा व्यापार अपेक्षा से कमजोर होने के कारण ज्यादातर व्यापारियों में निराशा है। पिछले पूर वर्ष में कमजोर व्यापार क कारण व्यापारियों को इस साल लग्नसरा पर अच्छे व्यापार की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक व्यापारियों की अपेक्षा से कम व्यापार हुआ है।
कपड़ा बाजार के सूत्रो का कहना है कि अभी तक लग्नसरा की खरीद ने निराश किया है। साड़ी और ड्रेस मटीरियल्स दोनो ही सेगमेन्ट मेंव्यापार मध्यम है। एक महीने पहले व्यापार में कुछ चढाव आया था, लेकिन बीते दस दिनों से व्यापार फिर घट जाने से बाजार में फिर निराशा का माहौल है। बताया जा रहा है कि इस साल उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंडी का सीजन लंबा चला इससे व्यापार बाधित हुआ है। साथ ही कई राज्यों में नागरिकता संशोधन कानून के कारण हुए विरोध का भी असर दिखा। यूपी, बिहार, पश्चिम बंगाल आदि राज्यों में इसका आंशिक असर दिखा। फिलहाल बाजार में खरीद एक बार फिर से ठप्प हो जाने के कारण कम कीमत के ग्रे की कीमतों में ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। इस माहौल ने वीवर्स को भी निराश किया है। व्यापारियों का कहना है कि एक ओर व्यापार नहीं है और
दूसरी ओर दिवाली के पहले बेचे गए माल के रुपए अभी तक नहीं मिलने के कारण परेशानी और बढ़ गई है। छोटे व्यापारियों के लिए पूंजी का इंतजाम कर पाना मुश्किल हो रहा है। यदि वह अन्य राज्यों के व्यापारियों को पेमेन्ट के लिए जोर देते हैं तो माल वापिस आ जाता है।
पेमेन्ट की गंभीर समस्या
अन्य राज्यों में रिटेल व्यापार कमजोर होने के कारण 180 दिनों के बाद भी पेमेन्ट नहीं आ रहा। इससे सूरत के व्यापारियों की चिंता और बढ़ गई है। होली तक लग्नसरा का व्यापार रहता है, लेकिन अब बहुत ज्यादा उम्मीदें नहीं है।
देवकिशन मंघाणी, व्यापारी
अपेक्षा से कम व्यापार
इस साल व्यापार अपेक्षा से कमजोर रहा है। व्यापारियों को व्यापारअच्छा चलने की उम्मीद थी, लेकिन अभी तक व्यापार ने निराश किया है।
बृज मोहन अग्रवाल, व्यापारी