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मुख्यमंत्री ने काटा रिबन, केबल ब्रिज पर आधे रास्ते चले पैदल

खत्म हुईं इंतजार की घडिय़ां, ब्रिज खुलते ही लोगों ने ली टैस्ट राइड, केबल ब्रिज समेत 913 करोड़ के नौ प्रोजेक्ट्स का किया भूमिपूजन और उद्घाटन

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सूरत

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Vineet Sharma

Oct 02, 2018

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मुख्यमंत्री ने काटा रिबन, केबल ब्रिज पर आधे रास्ते चले पैदल

सूरत. जैसे ही मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने मंगलवार सुबह करीब 10.56 बजे केबल ब्रिज का फीता खोलकर उसपर पैदल मार्च शुरू किया, लोगों के इंतजार की घडिय़ां खत्म हो गईं। इससे पहले मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजन-अर्चन कर और नारियल फोड़कर केबल ब्रिज की तख्ती का अनावरण किया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने संजीवकुमार ऑडिटोरियम में आयोजित समारोह में मनपा के अन्य प्रकल्पों का उदघाटन और भूमिपूजन किया। केबल ब्रिज समेत मुख्यमंत्री ने 913 करोड़ रुपए के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और भूमिपूजन किया।

मनपा के आइकॉनिक प्रोजेक्ट केबल ब्रिज को लेकर सूरतीयों को लंबा इंतजार करना पड़ा। आठ साल में तैयार हुए केबल ब्रिज के उद्धाटन के लिए मुख्यमंत्री विजय रुपाणी मंगलवार को सूरत आए। नियत समय से करीब एक घंटा देरी से 10.45 बजे अठवालाइंस की ओर से आयोजन स्थल पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने पहले पुरोहित के सानिध्य में विधिवत पूजन-अर्चन किया और नारियल फोड़कर ब्रिज पर लगी तख्ती का अनावरण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रिबन खोलकर करीब आधे रास्ते तक चहलकदमी करते हुए गए। वहां से गाड़ी में बैठकर मुख्यमंत्री मनपा के अन्य प्रकल्पों के उद्घाटन और भूमिपूजन के लिए संजीवकुमार ऑडिटोरियम के लिए रवाना हो गए।

इस बीच ब्रिज का टैस्ट राइड लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग ब्रिज के दोनों ओर जमा थे। जैसे ही उन्हें खबर लगी कि मुख्यमंत्री ने ब्रिज का लोकार्पण कर दिया है, उनमें ब्रिज पर चढऩे की होड़ मची थी। उधर, पुलिस ने भी लोगों को रोक रखा था। जब मुख्यमंत्री संजीवकुमार ऑडिटोरियम पहुंचे उसके बाद ही ब्रिज पर आवागमन शुरू होने दिया। ब्रिज खुलते ही दोनों ओर से ब्रिज पर वाहनों की दौड़ शुरू हो गई। ब्रिज पर सैल्फी लेने की होड़ भी लोगों में खूब रही।

दौड़ती रही गाडिय़ां,भागते रहे अफसर

लोकार्पण से पहले सोमवार शाम और मंगलवार सुबह होते ही मनपा अधिकारी ब्रिज पर मौजूद रहे। व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मनपा अधिकारियों ही नहीं पुलिस अफसरों की गाडिय़ां भी ब्रिज पर दौड़ती दिखीं। पुलिस के आला अधिकारियों का जमावड़ा लोकार्पण से पहले ब्रिज पर नजर आया। सिटी इंजीनियर भरत दलाल और ब्रिज सेल के कार्यपालक अभियंता अक्षय पंड्या समेत मनपा अधिकारियों की टीम भी मौके पर मौजूद रही और व्यवस्थाओं पर नजर रखी।

कतार में खड़े रहे कार्यकर्ता

मुख्यमंत्री के आने के पहले से ही ब्रिज पर उनके समर्थकों का जमावड़ा जुटने लगा था। ब्रिज पर दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे। मुख्यमंत्री के आते ही लोगों ने मुख्यमंत्री और भाजपा के समर्थन में नारे लगाने शुरू कर दिए। इस मौके पर महापौर जगदीश पटेल, विधायक हर्ष संघवी, विधायक विवेक पटेल, विधायक संगीता पाटिल, विधायक वीडी झालावाडिया, स्थाई समिति अध्यक्ष अनिल गोपलाणी समेत कई समितियों के चेयरमैन और पार्षद मौके पर मौजूद थे।

सरदार को राहत

केबल ब्रिज शुरू होने से सरदार ब्रिज पर लोगों को ट्रैफिक से राहत मिलेगी। पाल-अडाजण से कोर्ट बिल्डिंग के आसपास या फिर पार्ले प्वाइंट जाने वाले लोग जो अब तक सरदार ब्रिज का इस्तेमाल कर रहे थे, केबल ब्रिज से आएंगे-जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक ब्रिज शुरू होने से सरदार ब्रिज का २५ फीसदी से अधिक ट्रैफिक केबल ब्रिज पर शिफ्ट होगा। इसी बची तापी नदी पर पाल-उमरा के बीच एक और ब्रिज पर काम चल रहा है। संपत्ति मालिकों के साथ विवाद के कारण इस ब्रिज का काम अब तक अटका रहा है। मनपा प्रशासन का मानना है कि पाल-उमरा ब्रिज का मसला भी करीब-करीब सुलझ गया है और दिसंबर अंत तक इसे भी पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही सरदार ब्रिज पर अठवागेट से अडाजण की ओर जाने वाले रास्ते पर एक्सपेंशन का काम भी चल रहा है। सरदार ब्रिज के एक्सपेंशन और पाल-उमरा ब्रिज शुरू होने के बाद पाल-अडाजण और रांदेर में रह रहे लोगों को नदी पार करने के लिए जाम में फंसने के झंझट से मुक्ति मिल जाएगी।