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सूरत कपड़ा मंडी में रेफरेंस से धोखाधड़ी के मामला: जागरुकता : व्यापारिक संगठन आगे आए

- सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन ने भी फ्राॅड रोकने के लिए की पहल - लगातार बढ़ रही धोखाधड़ी से कपड़ा कारोबार को करोड़ों का नुकसान

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सूरत कपड़ा मंडी में रेफरेंस से धोखाधड़ी के मामला: जागरुकता : व्यापारिक संगठन आगे आए

सूरत कपड़ा मंडी में रेफरेंस से धोखाधड़ी के मामला: जागरुकता : व्यापारिक संगठन आगे आए

सूरत. अच्छी साखदार पार्टी व एजेंट की पहचान के बूते सूरत कपड़ा मंडी में अच्छी-भली व्यापारिक फर्मों के साथ धोखाधड़ी कर लाखों-करोड़ों का नुकसान कपड़ा कारोबार को हो रहा है। ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए अब व्यापारिक संगठनों ने आगे बढ़ने की ठानी है। गौरतलब है कि इस तरह की बढ़ती धोखाधड़ी से संबंधित ‘कपड़ा व्यापार में बरते सावधानी, पहचान के रेफरेंस की करें पड़ताल’ शीर्षक से खबर राजस्थान पत्रिका ने गत 3 सितम्बर को ही प्रकाशित की थी।

हाल ही में बेंगलूरु की एक एजेंसी और स्थानीय कपड़ा मंडी की व्यापारिक फर्म की पहचान के बूते सूरत टेक्सटाइल मार्केट के कपड़ा व्यापारी के साथ ले-भागू तत्वों ने धोखाधड़ी की है। यह मामला व्यापारिक संगठन सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन के पास पहुंचा तो तुरत-फुरत में इस पर रोकथाम के लिए व्यापारिक जागरुकता की योजना बनाई गई। इस संबंध में एसोसिएशन के प्रमुख नरेंद्र साबू ने बताया कि कुछ दिन पहले ही राजस्थान पत्रिका ने भी सूरत कपड़ा मंडी के इस गंभीर मुद्दे को उठाया था। मौजूदा दौर में व्यापार से ज्यादा व्यापारी की पहचान बेहद जरूरी हो गई है। कपड़ा व्यापारियों के साथ बढ़ती इस तरह की धोखाधड़ी पर रोकथाम के लिए जरूरी है कि सबसे पहले यहां का व्यापारी ना केवल जागरूक हो, बल्कि पार्टी, एजेंट आदि की पहचान (रेफरेंस) की भी पूरी तरह से पड़ताल करे और फिर ही व्यापार करे। सूरत मर्कंटाइल एसोसिएशन ने व्यापारिक जागरुकता के लिए कई जरूरी व्यापारिक नियम भी योजना के तहत तैयार किए है।

-यह बनाए गए नियम :

- व्यापारी के कंम्प्यूटर की मास्टर फाइल में आढ़तिया, एजेंट व खरीदार व्यापारी का आधारकार्ड, पैनकार्ड, जीएसटी नंबर, पता, मोबाइल नंबर, फोटो समेत पूरी जानकारी का डेटा होना चाहिए।- कोई भी माल का ऑर्डर फोन, मेल पर या व्हाटसएप पर आता है अथवा एजेंट-आढ़तिया का खरीदार दुकान पर आकर लिखवाता है तो उसका सत्यापन सम्बंधित फर्म के मालिक से करें और ऑर्डर फॉर्म की काॅपी व्हाटसएप पर भेजें। बगैर जांच-पड़ताल के किसी भी हालत में माल नहीं भेजे।

- बिल-बिल्टी एजेंट, आढतिया के ऑफिस पर भेजे तथा फर्म मालिक के हस्ताक्षर व मुहर लगवाए।

- समय-समय पर आवश्यकतानुसार एजेंट, आढतिया व व्यापारी से (सम्भव हो तो प्रति सप्ताह) अपनी आउटस्टेंडिंग का मिलान रूबरू मिलकर अथवा व्हाटसएप के माध्यम से करें।

- संदेह के दायरे में पुराना डुप्लीकेट चाबी गिरोह!

सूरत कपड़ा मंडी में जिस तरह से रेफरेंस के नाम पर धोखाधड़ी की घटनाएं बढ़ी है, इसमें कारोबार के बेहद जानकारों की तरफ सुई उठने लगी है। सूत्रों की मानें तो 8-10 वर्ष पहले कपड़ा बाजार में डुप्लीकेट चाबी गिरोह पनपा था। इस गिरोह के सदस्य मार्केट में व्यापारियों के यहां नौकरी करते और बाद में व्यापारी का विश्वास जीत कर दुकान की असली चाबी की डुप्लीकेट चाबी तैयार कर थोड़ा-थोड़ा माल समेटते रहते थे। इस गिरोह के सदस्य बड़ी संख्या में कई मार्केट्स में फैले थे। बाद में सभी पुलिस के हाथों पकड़े गए थे। इन गिरोहों का एक लीडर बाजार में प्रतिष्ठित व्यापारी के रूप में स्वयं को प्रदर्शित करता था। अब जिस तरह की घटनाएं क्षेत्र में व्यापारियों के साथ हो रही है, उन्हें देखते हुए कपड़ा बाजार के सूत्रों का मानना है कि इस तरह की धोखाधड़ी कपड़ा व्यापार के जानकार ही अंजाम दे सकते हैं और इस मामले में डुप्लीकेट चाबी गिरोह के सदस्य पहले से जानते हैं।