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अंबिका नदी से अवैध रेती खनन पकड़ा

8 नावें, 14 ट्रकों समेत करोड़ों रुपए का सामान जब्त रेत माफिया फरार

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सूरत

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Sunil Mishra

Sep 14, 2018

patrika

अंबिका नदी से अवैध रेती खनन पकड़ा

नवसारी. नवसारी जिले की अंबिका, पूर्णा एवं कावेरी नदी से धड़ल्ले से रेती निकाली जा रही है। प्रशासन से मिली लीज से अतिरिक्त अवैध रूप से भी रेत माफिया दिन-रात नदियों से रेत निकालते रहते हैं। शुक्रवार को गणदेवी के पोंसरी गांव में अंबिका नदी में बड़े पैमाने पर हो रहे रेती खनन पर चिखली प्रांत अधिकारी ने तीन तहसीलदारों के साथ मिलकर छापा मारा। इस दौरान प्रशासन ने मौके से 8 नावें, 14 ट्रक समेत करोड़ों रुपए का सामान जब्त किया। जबकि रेती माफिया फरार होने में कामयाब रहे। इससे पूर्व बुधवार रात को चिखली तहसील के बलवाड़ागांव में भी रेती खनन का मामला पकड़ा गया था।
गणदेवी तहसील से निकलती अंबिका नदी से वर्षों से रेती माफिया अवैध रुप से करोडों रुपए की रेती चोरी करते आए हैं। भारत के ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेशानुसार रेती निकालने के लिए एन्वायरोमेन्टल सर्टिफिकेट जरूरी होता है। जो जिले में लगभग किसी के पास नहीं है, वहीं प्रशासन की ओर से लंबे समय से रेती की लीज भी रिन्यू नहीं की गई। इससे अवैध रेती खनन का कारोबार तेजी से बढ़ा है। रेती माफिया दिन रात नदी से रेत निकालते हैं, लेकिन प्रशासन इस अवैध कार्य पर रोक लगाने तथा सख्त कार्रवाई करने से बचता रहा है। इस बीच गणदेवी तहसील के तटीय क्षेत्र के पोंसरी गांव में अंबिका नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रूप से रेती खनन की शिकायत जिला कलक्टर तक पहुंची थी। इस पर कलक्टर डॉ. एमडी मोडिया के आदेश पर शुक्रवार चिखली प्रांत अधिकारी आरबी भोगतया ने गणदेवी, चिखली और खेरगाम के तहसीलदारों की टीम के साथ पोंसरी गांव के नागतलाव क्षेत्र में चल रहे अवैध रेती खनन पर दबिश बनाई। उनके साथ जिला खान-खनिज विभाग के सहायक भूस्तरशास्त्री की टीम और नवसारी, धोलाई के मरीन, बिलीमोरा, विजलपोर और खेरगाम की पुलिस भी जुड़ी थी। इतने बड़े सरकारी अमले को देख मौके पर हडक़म्प मच गया और रेती माफिया फरार हो गए। प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर नदी से रेत खींच रही 8 नावें, 24 पाइप, 24 छलनी, 14 ट्रक और काफी टन निकाली गई रेत जब्त की। देर शाम तक चली कार्रवाई के चलते जब्त सामान की कीमत पता नहीं चल पाई है। हालांकि करोड़ों का सामान जब्त किए जाने का अनुमान है।

हाइकोर्ट के आदेश के बाद भी प्रशासन नींद में!
अंबिका नदी में अवैध रूप से होते रेती खनन को रोकने के लिए तहसील के ग्रामीणों ने अंबिका नदी बचाओ समिति का गठन कर गुजरात हाइकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें हाईकोर्ट ने समिति की दलीलों को मान्य रखते उनके पक्ष में फैसला सुनाया था, वहीं राज्य सरकार के संबंधित विभाग को नियमानुसार कार्रवाई करने का आदेश किया था। इसके बावजूद राज्य के खान-खनिज विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसके कारण आज भी अंबिका में अवैध रूप से रेती खनन करने वालों के हौंसले बुलंद हैं। हालांकि शुक्रवार को प्रशासन ने पोंसरी में दबिश देकर रेती माफिया पर शिकंजा कसने का प्रयास किया।

क्षेत्र में एक भी लीज नहीं दी गई
इस क्षेत्र में खान खनिज विभाग या प्रशासन की ओर से रेती की एक भी लीज नहीं दी गई है। यहां पर कई दिनों से अवैध रूप से रेती खनन होने की शिकायत मिली थी। सूचना मिलने पर शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों व पुलिस के साथ मिलकर कार्रवाई की है। अवैध रेती निकालते लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज होगी। कई नाव नदी के रास्ते भाग निकलीं, लेकिन हमने पीछा कर 8 नावों को पकड़ा है। जिन्हें धोलाई बंदरगाह पर ले जाया जाएगा।
आरबी भोगतया, प्रांत अधिकारी, चिखली