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कोजवे पर फिर चली चादर, गेट बंद

ऊपरी क्षेत्र में बारिश से बढ़ा तापी का जलस्तर

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सूरत

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Vineet Sharma

Aug 18, 2018

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कोजवे पर फिर चली चादर, गेट बंद

सूरत. तापी के कैचमेंट एरिया में हुई दूसरे दौर की बारिश से सूरत की तापी के सूखे किनारों पर भी पानी छूने लगा है। तापी नदी के कैचमेंट एरिया में लगातार बारिश का असर शनिवार को तापी नदी पर दिखने लगा। नदी का जलस्तर बढऩे से शनिवार सुबह कोजवे ओवरफ्लो हो गया। रपट पर 0.06 मीटर की चादर चलने से मनपा प्रशासन ने कोजवे को यातायात के लिए बंद कर दिया। दोपहर 12 बजे तक यह बढ़कर 0.19 मीटर हो गया था।

पिछले दो दिन से ऊपरी क्षेत्र में भारी बारिश हो रही है। तापी के कैचमेंट एरिया में हुई बरसात का पानी नदी में आ रहा है। बारिश के कारण काकरापार चैकडैम से भी पानी ओवरफ्लो हो रहा है। इसका असर सूरत में दिखने लगा है। शहर में बारिश नहीं होने के बावजूद ऊपरी क्षेत्र के पानी के कारण तापी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। शनिवार को जब वीयर कम कोजवे ओवरफ्लो हुआ, रपट पर 0.06 मीटर की चादर चल रही थी। सुबह आठ बजे रपट पर पानी आने के बाद मनपा प्रशासन ने एहतियातन कोजवे के गेट बंद कर यातायात रोक दिया। जैसे-जैसे दिन चढ़ा दोपहर 12 बजे तक कोजवे पर चल रही चादर 0.19 मीटर की हो गई थी।

गौरतलब है कि कोजवे का जलस्तर 6 मीटर का है। इससे ज्यादा पानी रपट पर आने पर कोजवे को यातायात के लिए बंद कर दिया जाता है। आमतौर पर नदी में पानी उसी समय बढ़ता दिखता है, जब उकाई डैम से पानी छोड़ा जाता है। इस बार उकाई डैम का जलस्तर फिलहाल रूललेवल से कम है, इसलिए उकाई से पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। कई बार कैचमेंट एरिया में भारी बारिश से भी ऐसे हालात बनते हैं। इस स्थिति में डैम से पानी नहीं छोडऩे के बाद भी कोजवे का जलस्तर बढ़ जाता है और इसे यातायात के लिए बंद करना पड़ता है।

आठ जुलाई को पहली बार चली थी चादर

बीती आठ जुलाई को भी ऊपरी क्षेत्र में हुई बारिश के कारण रपट पर चार सेमी की चादर चली थी और मनपा प्रशासन को कोजवे के गेट बंद करने पड़े थे। मनपा प्रशासन ने पिछले दिनों ही कोजवे के गेट खोलकर यातायात शुरू कराया था। गुरुवार रात से शुरू हुए बारिश के दूसरे दौर में भी कोजवे को दोबारा बंद करना पड़ा है। इस सीजन में यह दूसरा मौका है जब उकाई डैम से पानी नहीं छोड़े जाने के बावजूद रपट पर चादर चली है और कोजवे को बंद करना पड़ा है।

लोगों ने उठाया लुत्फ

जैसे ही लोगों को पता चला कि नदी में पानी आने के कारण कोजवे बंद कर दिया गया है, यह नजारा देखने के लिए उन्होंने कोजवे का रुख किया। शनिवार को सुबह से ही लोग कोजवे पर दोनों ओर जमा होने लगे और रपट पर बहते पानी का लुत्फ उठाया। बच्चों और युवाओं ने बहते पानी के बीच रपट तक पहुंचकर अठखेलियां कीं।

डांग जिले में हुई बारिश का असर

बताया जा रहा है कि पिछले दिनों डांग जिले में हुई भारी बारिश के कारण कैचमेंट एरिया का पानी नदी में पहुंचने लगा है। काकरापार का ओवरफ्लो हालांकि मामूली है, लेकिन सोनगढ़, व्यारा, तापी, बारडोली आदि इलाकों में जो भारी बारिश हुई, उसके कारण तापी नदी का जलस्तर बढ़ा है। शहर में बारिश नहीं होने के बावजूद तापी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है।

उकाई रूल लेवल से नीचे

उकाई डैम में पानी का भंडारण फिलहाल रूललेवल से नीचे है। उकाई रूल लेवल 321 मीटर है, जबकि डैम में पानी का भंडारण महज महज 302.15 मीटर पानी है। ऐसे में बांध प्रशासन फिलहाल पानी छोडऩे की हालत में नहीं है। जानकारों की मानें तो उकाई में पानी का स्तर उस अवस्था में है जब डैम के कैचमेंट एरिया में तीन दिन भी भारी बारिश हुई तो यह रूल लेवल पार कर जाएगा। इसके बाद बांध प्रशासन रूल लेवल मेंटेन करने के लिए उकाई से भी पानी छोडऩे लगेगा। ऐसे में शहर प्रशासन के लिए तापी नदी में आने वाले पानी का प्रबंधन जरूरी हो जाएगा।