
चैती छठ: नदी तट पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने सूर्य देवता को दिया अर्घ्य
वापी. दमण गंगा नदी तट पर गुरुवार शाम छठ मईया के गीत गूंजते रहे। चैत्र छठ पर्व पर बडी संख्या में लोगों ने यहां पहुंचकर नदी के जल में खड़े होकर भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा की।
शुक्रवार प्रात:काल उदीयमान सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व संपन्न होगा। निर्जला रहकर व्रती महिलाओं ने छठी मैया की पूजा कर परिवार की सुख शांति और सुरक्षा की कामना की। दमणगंगा नदी तट पर पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बिहार वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से रोशनी सहित अन्य व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए नदी घाट पर पुलिस और रेस्क्यू टीम लगातार सक्रिय रही और लोगों को गहरे पानी में जाने से सावधान करती रही। बिहार वेलफेयर एसोसिएशन के प्रमुख बिपुल सिंह ने कहा कि आस्था का महापर्व छठ साल में दो बार कार्तिक माह एवं चैत्र माह में मनाया जाता है। चैत्र छठ भी नहाय खाय के साथ शुरू होता है। गुरुवार को संध्या अघ्र्य दिया गया। उन्होंने कहा कि बिहार, झारखंड सहित कई जगहों पर चैत्र छठ धूमधाम से मनाया जाता है। इस दौरान बिहार वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन केपी सिन्हा, उपाध्यक्ष एनके सिंह, सचिव प्रमोद सिंह, कोषाध्यक्ष अभय सिंह, मनीष मिश्रा, जीएन झा, रवि कुमार सहित अन्य सदस्य मौजूद थे।
श्रीमद् भागवत कथा में मनाया कृष्ण जन्मोत्सव
वांसदा. तहसील के केलकच्छ गांव में श्रीमद् भागवत कथा और चैत्र नवरात्रि महोत्सव के चौथे दिन मंगलवार को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
कथाकार निलेश शास्त्री ने इस दौरान बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ पर भी लोगों को जागरूक किया गया। उन्होंने कहा कि बेटी त्याग की मूरत है और एक बेटी दो कुल का तारण करती है। उन्होंने सनातन धर्म पर जोर देते हुए कहा कि आज भी जगन्नाथपुरी में साक्षात भगवान होने का प्रमाण मिलता है। कथाकार निलेश शास्त्री ने कहा कि उनाई में श्री उष्ण अंबा गर्म पानी का झरना भी है जो रामायण काल का प्रमाण है।
कथा में गुरुवार को सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया है। इसमें सभी युगल को श्री रमेशगिरि बेरडी गोपाल गौशाला राजकोट की ओर से सोना की बूटी कन्यादान के तौर पर दी जाएगी।
Published on:
08 Apr 2022 12:29 am
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