
SACHIN CHEMICAL KAND : केमिकल वेस्ट माफिया संदीप गुप्ता पनोली से गिरफ्तार
सूरत. मुबंई से वडोदरा तक विभिन्न कंपनियों से निकलने वाले खतरनाक केमिकल वेस्ट का अवैध रूप से सूरत में निस्तारण करने का रैकेट चलाने वाले संदीप गुप्ता को आखिरकार क्राइम ब्रांच ने ढूंढ निकाला। उसे अहमदाबाद भागते समय पनोली से गिरफ्तार कर लिया। सूरत पलिस को सचिन जहरीली गैस कांड समेत अवैध रूप से खतरनाक केमिकल वेस्ट के निस्तारण के दो मामलों में पिछले दो वर्षो से उसकी तलाश थी।
क्राइम ब्रांच के पुलिस उप निरीक्षक पी.वाई चित्ते ने बताया कि आरोपी संदीप गुप्ता लंबे समय से अंकलेश्वर में ही छिपा हुआ था। उसने पनोली जीआइडीसी में किसी के नाम पर मकान किराए पर लिया हुआ था। उसी में छिपा रहता था, बहुत कम बाहर निकलता था। जीआइडीसी क्षेत्र में अपने मित्रों परिचितों को भी सतर्क कर रहा था ताकि पुलिस की हरकत होने पर वे उसे सूचित कर सके।
मुखबिर से उसके बारे में पुख्ता सूचना मिलने पर उसे पकड़ने के लिए जाल बिछाया। वह पनोली जीआइडीसी से अहमदाबाद भागने की फिराक में था, तभी पुलिस टीम ने उसे दबोच लिया और सूरत ले आई। सचिन पारड़ी क्षेत्र की शिवनगर सोसायटी संदीप खतरनाक केमिकल वेस्ट के अवैध रूप से निस्तारण का रैकेट चलाता था। मुंबई, अंकलेश्वर व वडोदरा की कंपनियों का खतरनाक केमिकल सचिन क्षेत्र की खाडि़यों में बहा देता था।
सचिन गैसकांड समेत अवैध रूप से केमिकल निस्तारण के दो मामले सामने आने के बाद इस पुलिस ने मुबंई की हाइकेल कंपनी के जिम्मेदारों समेत 16 जनों को नामजद किया था। जिनमें से संदीप समेत इस रैकेट से जुड़े 15 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पूर्व में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट मे चार्जशीटर भी दायर कर दी है। इस मामले में लक्क्ष्मी नाम की महिला आरोपी अभी भी फरार है, उसकी तलाश जारी है।
जहरीली गैस फैलने से हुई थी आधा दर्जन श्रमिकों की मौत
सचिन जीआईडीसी में विश्वप्रेम मिल के निकट बरसाती नाले (खाड़ी) में 6 जनवरी 2022 की रात को एक टैंकर से खतरनाक केमिकल वेस्ट का निस्तारण किया जा रहा था। नाले में पहले से मौजूद केमिकल का दूसरे केमिकल के साथ रिएक्शन होने से पूरे इलाके में जहरीली गैस फैल गई।
बरसाती नाले के पास खड़ा टैंकर चालक भी बेहोश हो गया और विश्वप्रेम मिल में काम कर रहे श्रमिक भी दम घूटने व आंखों में जलन होने की चलते जमीन पर गिरने लगे। घटना की सूचना मिलने पर दमकल पुलिस दस्ता मौके पर पहुंचा और मास्क लगा कर राहत और बचाव कार्य शुरू किया।
दो दर्जन से अधिक श्रमिकों को अस्पताल पहुंचाया गया। जिनमें से छह जनों की मौत हो गई। जहरीली गैस की दायरे में आए कई पशु-पक्षी भी मर गए थे, आस-पास के पेड़ों की पत्तियां भी काली पड़ गई थी। बाद में जब मामले की जांच हुई तो संदीप गुप्ता का रैकेट सामने आया। विश्वप्रेम मिल के अलावा सचिन क्षेत्र के अन्य बरसाती नाले (खाड़ी) में भी खतरनाक केमिकल के निस्तारण का खुलासा हुआ। इन दोनों मामलों में सूरत ने संदीप को वांछित घोषित किया था।
आधा दर्जन से अधिक मामलों में लिप्त
पुलिस ने बताया कि उत्तरप्रदेश के जालौन जिले के रेढर गांव का मूल निवासी संदीप लंबे समय से सचिन क्षेत्र में रह रहा था। उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज हो चुके है। सचिन थाने में उसके खिलाफ डराने धमकाने व जुए के अड्डे चलाने के मामले दर्ज हो चुके है। सचिन में जहरीली गैस कांड के बाद क्राइम ब्रांच ने उसके खिलाफ गुजसीटोक के तहत मामला दर्ज किया था।
Published on:
06 Oct 2023 09:44 pm
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