
मनपा बजट स्थाई समिति के एजेंडे पर
विनीत शर्मा
सूरत. स्थाई समिति से ड्राफ्ट बजट पारित होने के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। संशोधन प्रस्ताव में समिति की ओर से कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं रखा है, जिसके बाद मनपा प्रशासन का पूरा फोकस तापी शुद्धिकरण पर रहेगा। स्थाई समिति की मंजूरी के बाद यह चौंकाने वाली बात रही कि स्वच्छता सर्वेक्षण में लगातार पिछडऩे के बावूजद स्वच्छता मिशन बजट में प्राथमिकता से बाहर रह गया। समिति ने भी इसे लेकर नीतिगत फैसले से परहेज बरता।
तापी शुद्धिकरण शहर के लोगों के लिए संवेदनशील मुद्दा रहा है। राजस्थान पत्रिका ने लोगों की भावनाओं को समझते हुए तापी शुद्धिकरण को लेकर लगातार लंबे अभियान चलाए । शहर भाजपा प्रमुख ने तापी शुद्धिकरण के लिए संगठन स्तर पर बाकायदा ड्राइव चलाकर जलकुंभी निकालने का उपक्रम किया था। इन सम्मिलित प्रयासों का असर यह रहा कि मनपा प्रशासन ने तापी शुद्धिकरण के लिए मास्टर प्लान तैयार किया, जो मंजूरी के लिए केंद्र के पास है। मनपा आयुक्त ने ड्राफ्ट बजट 2019-20 में भी तापी शुद्धिकरण को प्रमुखता से जगह दी है। स्थाई समिति ने ड्राफ्ट बजट में कोई खास बदलाव नहीं किया है। ऐसे में मनपा के बजट में तापी शुद्धिकरण उन चुनीदा कामों में से एक है, जिसपर मनपा प्रशासन आगे बढ़ेगा। जिस तरह से भाजपा शहर प्रमुख नितिन ठाकर ने सक्रियता दिखाते हुए तापी शुद्धिकरण के लिए अभियान चलाया था, वह तेवर बना रहा तो संगठन का दबाव भी मनपा प्रशासन और पदाधिकारियों पर बना रहेगा। यह दबाव तापी की सेहत को सुधारने में मददगार साबित हो सकता है।
स्वच्छता मिशन पर नीति तय नहीं
सूरत महानगर पालिका स्वच्छता मिशन में लगातार पिछड़ रहा है। स्वच्छता सर्वेक्षण २०१८ में तो सूरत शीर्ष दस में भी जगह नहीं बना पाया था। इसके बाद जिस तरह से मनपा आयुक्त ने स्वच्छता मिशन को लेकर शहर मे ड्राइव चलाई थी, माना जा रहा था कि स्वच्छता को लेकर बजट में बड़ा ऐलान हो सकता है। मनपा प्रशासन ऐसी नीति बना सकता है, जिसमें लोगों को स्वच्छ सूरत के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही शहर को गंदा कर रहे लोगों पर भी दंड का प्रावधान हो। प्रशासन चूका तो लोगों को स्थाई समिति से उम्मीद थी कि बजट में इस पर ध्यान दिया जाएग, लेकिन समिति ने भी उन्हें निराश किया है।
Published on:
06 Feb 2019 11:38 am
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