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सूरत. मकरसंक्रांति पर पतंग के कातील मांझे से पक्षियों के घायल होने के मामले सामने आते हैं। घायल पक्षियों को समय पर उपचार मिल सके इसलिए राज्य सरकार के निर्देश पर वन विभाग की ओर से सूरत शहर और जिले में करूणा अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 20 जनवरी तक चलेगा। विभाग की ओर से हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है।
मकरसंक्रांति पर गुजरात में पतंगबाजी की जाती है। खास तौर पर सूरत शहर में मकरसंक्रांति के बाद एक सप्ताह तक आसमान में पतंग उड़ान भरते दिखाई देते हैं। पतंग के मांझे से मनुष्य के साथ ही पक्षियों के घायल होने के मामले भी सामने आते हैं। सैंकड़ों पक्षी इन दिनों में घायल होते हैं, तो कइयों की जान भी चली जाती है। मकरसंक्रांति पर होनेेवाली पतंगबाजी को ध्यान में रखते हुए वन विभाग की ओर से सूरत शहर और जिले में 20 जनवरी तक करूणा अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान के तहत पक्षियों के उपचार के लिए अडाजण में विशेष सेंटर बनाया गया है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से जारी 1962 नंबर के अलावा 9909730030 हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किया गया है। घायल पक्षियों की सूचना लोग हेल्पलाइन नंबर पर दे सकेंगें।
छह एम्बुलेंस कार्यरत, संस्थाओं के स्वयंसेवक जुड़े
करूणा अभियान के तहत 20 जनवरी तक घायल पक्षियों को लाने और उपचार के लिए वन विभाग की ओर से छह एम्बुलेंस कार्यरत की गई है। इनमें सरकारी कर्मियों के अलावा 12 संस्थाओं के सदस्य भी स्वयं सेव क के तौर पर अपना योगदान देंगे। यानी जैसे ही पक्षी के घायल होने की सूचना मिलती है। स्वयं सेवकों की टीम मौके पर पहुंचकर पक्षी का उपचार करने के बाद उसे विशेष सेंटर में रवाना करेगी।
Published on:
12 Jan 2023 06:47 pm
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