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टायर जलाए, बसों की हवा निकाली, दुकानें बंद कराईं

सूरत समेत दक्षिण गुजरात में बंद का मिला-जुला असर, भीड़ के गुजरते ही कई इलाकों में खुल गईं दुकानें, आमजन पर असर नहीं

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सूरत

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Vineet Sharma

Sep 10, 2018

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टायर जलाए, बसों की हवा निकाली, दुकानें बंद कराईं

सूरत. पेट्रोलियम पदार्थों की महंगाई के विरोध में कांग्रेस के भारत बंद का सूरत समेत दक्षिण गुजरात में मिला-जुला असर देखने को मिला। पाटीदार बहुल क्षेत्रों में बाजार बंद रहे तो अन्य क्षेत्रों में आम जनजीवन सामान्य रहा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं के पहुंचने पर कुछ लोगों ने दुकानों के शटर आधे डाल दिए, लेकिन उनके निकलते ही शटर खुल गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को ठप करने के लिए कुछ जगह बसों के टायरों की हवा निकाल दी तो कुछ जगह टायर जलाकर बंद को सफल दिखाने के प्रयास किए। पुलिस ने कई जगह कांग्रेस नेताओं को डिटेन किया और बाद में छोड़ दिया।

पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में लगातार वृद्धि के विरोध में कांग्रेस ने सोमवार को भारत बंद का आह्वान किया था। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर शहर कांग्रेस इकाई ने सूरत में बंद को सफल बनाने के लिए पूरी तैयारी की थी। शहर को विभिन्न जोन में बांटकर संगठन स्तर पर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। शहर कांग्रेस अध्यक्ष बाबू रायका के नेतृत्व में सोमवार सुबह से ही पार्टी नेताओं और पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं की टोलियां सूरत में बंद को सफल बनाने के लिए निकलीं।

पाटीदार बहुल क्षेत्रों में जहां लोगों ने दुकानें बंद रख बंद को समर्थन दिया, शहर के अन्य हिस्सों में बंद पूरी तरह विफल रहा। बाजारों में हालत यह थी कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं का टोला कहीं जाता तो लोग कुछ देर के लिए दुकानों के शटर डाउन कर लेते थे और उनके जाते ही कारोबारी गतिविधियां जोर पकड़ लेती थीं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कई जगह टायर जलाए और विरोध प्रदर्शन किए। सार्वजनिक परिवहन सेवा को ठप करने के लिए बसों के पहियों की हवा निकाल दी गई। उग्र प्रदर्शन नहीं होने से मनपा के बीआरटीएस सेल को कोई नुकसान नहीं हुआ। इससे मनपा प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

बंद कराने के लिए सडक़ों पर उतरी टीम को पुलिस ने कई जगह डिटेन भी किया। पकड़े गए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को बाद में छोड़ दिया गया। बंद कराने निकले कार्यकर्ताओं में पूर्व महापौर कदीर पीरजादा, पार्षद असलम साइकिलवाला, पार्षद दिनेश काछडिय़ा, पार्षद विजय पानसेरिया, कामरान उस्मानी, आतिफ उस्मानी, कासिफ उस्मानी, नागेश मिश्रा, सुरेश सोनवणे, राजेंद्र सिंह, डॉ. रविंद्र पाटिल, दीप नायक शामिल थे।