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सूरत. आंदोलन के बाद सरकार की ओर से सूरत मनपा संचालित नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शिक्षकों की ग्रेड- पे लागू करने की मांग तो मंजूर कर ली, लेकिन अब वित्त विभाग की ओर से जो परिपत्र जारी किया है, उसे देखते हुए शिक्षक खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। क्योंकि परिपत्र के मुताबिक शिक्षकों को लाखों रुपए के एरियर्स का नुकसान हो रहा है। वहीं सरकार ने हलफनामा लिखवाने का भी जिक्र किया है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश देखने मिल रहा है और न्याय के लिए कोर्ट की शरण में जाने का शिक्षक मन बना रहे हैं।
सूरत मनपा संचालित नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शिक्षकों को अब तक 2800 ग्रेड पे ही दिया जा रहा था। 4200 ग्रेड पे लागू करने की मांग सालों से की जा रही थी। जबकि अन्य मनपा संचालिक शिक्षण समितियों ने कई वर्षो पहले शिक्षकों के लिए 4200 ग्रेड पे लागू कर दिया था। इस अन्याय के खिलाफ सूरत नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शिक्षक लड़ाई लड़ रहे थे। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षकों के संगठनों ने दबाव बनाने की शुरुआत की और आंदोलन चलाया। चुनाव को देखते हुए सरकार ने शिक्षकों की लंबित मांगों के साथ ही सूरत नगर प्राथमिक शिक्षण समिति के शिक्षकों की ग्रेड पे की मांग को भी स्वीकार कर लिया। शिक्षक कई दिनों से परिपत्र का इंतजार कर रहे थे। बुधवार को राज्य सरकार के वित्त विभाग की ओर से ग्रेड पे को लेकर परिपत्र जारी किया गया, लेकिन इसे देखने के बाद शिक्षकों में खुशी के बजाए नाराजगी फैल गई। शिक्षकों का कहना है कि राज्य सरकार उनके साथ अन्याय कर रही है। जो परिपत्र जारी किया गया है उसके मुताबिक, 12 अक्टूबर, 2022 से पहले के शिक्षकों को 2800 ग्रेड पे ही दिया जाएगा और उसके बाद के शिक्षकों को 4200 ग्रेड पे लागू होगा। इसके अलावा भविष्य में शिक्षक किसी भी तरह के एरियर्स की मांग नहीं करेंगे, इस तरह का हलफनामा भी लिखवाने का जिक्र किया गया है। इससे शिक्षकों को एरियर्स के पांच से सात लाख रुपए तक का नुकसान होगा। वित्त विभाग के परिपत्र ने अब विवाद शुरू कर दिया है और शिक्षकों में आक्रोश देखने मिल रहा है। शिक्षकों के विभिन्न संगठनों ने सरकार के इस कदम को अन्यायपूर्ण बताते हुए अब न्याय के लिए कोर्ट के दरवाजे खटखटाने की कवायद शुरू की है।
पुलिस विभाग से भी मांगे गए थे हलफनामे
ग्रेड पे के मुद्दे को लेकर पुलिस के आंदोलन के बाद गृह विभाग ने पुलिस विभाग की मांग स्वीकार तो ली थी, लेकिन पुलिस कर्मचारियों से हलफनामा लिखवाने पर विवाद शुरू हो गया था। पुलिस कर्मचारियों के विरोध और विपक्ष की घेराबंदी के बाद आखिर इस निर्णय को वापस लिया गया था।
Published on:
13 Oct 2022 08:16 pm
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